उन्‍नाव रेप पीड़‍िता की एम्‍स से छुट्टी, कोर्ट ने परिवार को दिल्‍ली में रुकने का आदेश दिया

उन्‍नाव, उन्नाव रेप पीड़‍िता को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से छुट्टी ‎मिल गई है। हालांकि पीड़ि‍ता के परिवार को तीस हजारी कोर्ट ने दिल्‍ली में ही रूकने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पीड़‍िता अपने परिवार के साथ अगले एक हफ्ते तक एम्स के जय प्रकाश नारायण ट्रामा सेंटर के हॉस्टल में रहेगी। इस दौरान पीड़िता के साथ उसकी मां, दो बहनें और एक भाई भी यहां रहेंगे। गौरतलब है ‎कि पीड़िता के परिवारवालों ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनकी जान को उनके गांव में खतरा है। लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर उन्‍हें दिल्‍ली में रहने की व्‍यवस्‍था की जाए। इसके बाद कोर्ट ने गवाह सुरक्षा दिशा-निर्देशों के तहत ये निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। उन्नाव रेप केस मामले में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया पाया कि मामले में बड़ी साजिश रची गई है। कोर्ट के मुताबिक, पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दिनों इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर कर दिए थे। शीर्ष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अपॉइंट जज इन सभी पांच केसों की सुनवाई करेंगे। ट्रायल 45 दिन के अंदर पूरा करना होगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि हम पीड़िता के लिए अंतरिम मदद की अपील भी स्वीकार करते हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को ये आदेश दिया जाता है कि वो पीड़िता के परिवार को अंतरिम मदद के तौर पर 25 लाख रुपए की सहायता राशि दे। बाद में जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद की राशि बुलाई जा सकती है।

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