भोपाल, मप्र के नक्सल प्रभावित तीन जिलों मंडला,डिंडोरी और बालाघाट में सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण की सरकार कोशिश करेगी ताकि वह अपराध का रास्ता छोड़ कर प्रान्त के विकास की मुख्यधारा में शरीक हो सकें। इसके लिए पहली बार प्रदेश में समर्पण नीति बनाई जा रही है। यह दस्यु उन्मूलन के लिए 70 और 80 के दशक बनी नीति से पृथक होगी। नवीन नीति में आत्म समर्पण करने वाले नक्सली को खेती की जमीन,आवास,आयुष्मान योजना के तहत इलाज,खुद के रोजगार के लिए कर्ज और पांच लाख रूपये नगद दिए जायेंगे। सरकार उन्हें रूचि के अनुरूप कौशल विकास का प्रशिक्षण भी देगी। दरअसल,पिछले दिनों नक्सल समस्या पर चर्चा के समय सीएम ने उनके समाज की मुख्यधारा में लौटने की नीति करने को कहा था। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने समर्पण नीति तैयार की और गृह विभाग ने उसे स्वीकृति प्रदान की।