गोनी से तबाही,फिलीपींस में तेज वर्षा के बीच भूस्खलन, 250 किमी की गति से चली हवाएं

लूजोन, फिलीपींस के लूजोन के मुख्य द्वीप के दक्षिणी हिस्से में रविवार को इस साल के दुनिया के सबसे ताकतवर तूफ़ान ‘गोनी’ ने दस्तक दी है। तूफान के आने बाद तूफानी हवाओं और तेज बारिश के बीच दो भूस्खलन हो चुके हैं। 225 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चल रही है। इस महातूफान ने भारी तबाही मचा दी है। सरकार ने राहत और बचाव के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरु किया है।
महातूफान गोनी के पूर्वी प्रांतों में पहुंचने और बिकोल क्षेत्र के केटैनडुएन्स और एल्बे में भूस्खलन की खबर है। अच्छी बात यह रही कि फिलीपीनी अधिकारियों ने लगभग दस लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। अगर उन्हें नहीं हटाया गया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मौसम विभाग ने कहा बिकोल प्रान्त के साथ साथ क्वेज़ोन, लगुना और बटांगास के कुछ हिस्सों के साथ राजधानी मनीला के दक्षिणी भाग में भी खतरनाक तेज हवा और मूसलाधार वर्षा के चलते लोगों की मुश्किल का सामना करना पड़ा।
ताजा बुलेटिन में कहा गया है कि यह इन क्षेत्रों के लिए बहुत खतरनाक स्थिति है। राजधानी मनीला भी देश के 18 वें उष्णकटिबंधीय तूफान ‘गोनी’ के अनुमानित पथ में है। मौसम की पूर्वानुमानकर्ता लॉरी डेल क्रूज़ ने एक रेडियो स्टेशन को बताया कि दिन खत्म होते होते क्वेज़ोन प्रांत में तीसरे भूस्खलन की संभावना है। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि इस बार आपदा से 19 मिलियन से 31 मिलियन लोग प्रभावित हो सकते हैं, इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो डेंजर जोन में हैं।
तूफान बढ़ने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसी बीच अधिकारियों ने इवैक्युएशन सेंटरों में रह रहे लोगों को कोरोनो संक्रमण से बचाने के क्रम में अन्य जरूरी उपायों के साथ-साथ सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करने को कहा गया है। महातूफान गोनी को ध्यान में रखते हुए फिलीपींस की सरकार ने दर्जनों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने मनीला के मेन गेटवे निनोय एक्विनो अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे को भी एक दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया है।
गोनी फिलीपींस में आया सबसे शक्तिशाली तूफ़ान है। यहां इससे पहले नवंबर 2013 में हाईयान टाइफून आया था, जो अभी तक का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान माना जाता है। हाईयान के कारण फिलीपींस में 6,300 से अधिक लोग मारे गए थे। पिछले सप्ताह आए टाइफून मोलेव के कारण 22 लोगों की मृत्यु हो गई थी। ज्यादातर मौतें राजधानी मनीला के दक्षिण प्रांतों में डूबने के कारण हुई थीं।

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