मंडला, सावन माह के बीतने के बाद भी नाममात्र की बारिश ने सभी को चिंता में डाल दिया था पिछले साल जुलाई माह के अंत तक हुई बारिश का आंकड़ा इस बार हुई बारिश से कहीं ज्यादा था। लेकिन जैसे ही भादों माह शुरू हुआ वैसे ही बारिश ने जो रफ्तार पकड़ी वह अब तक लगातार जारी है और इसका असर यह हुआ कि अगस्त माह में अब तक हुई बारिश का आंकड़ा पिछले साल अब तक हुई बारिश से करीब 60 एमएम पार कर गया है। पिछले दो-तीन दिनों से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। रात भर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होती रही। बारिश का यह क्रम सुबह से दोपहर तक जारी रहा। हालांकि दोपहर बाद इन्द्रदेव ने कुछ राहत दी और काले बादल छट गए दोपहर बाद सूर्य देव के भी दर्शन हुए ।
नर्मदा उफान पर
लगातार बारिश का असर नर्मदा सहित जिले की लगभग सभी नदियों, सहायक नदियों में पड़ा। नर्मदा नदी का जल स्तर शनिवार को सुबह तक काफी बढ़ चुका था। छोटा रपटा पुल के उपर करीब 5 से 6 फिट पानी होने की बात बताई गई हालांकि दोपहर बाद पानी उतरना शुरू हो गया था और शाम करीब 4 बजे तक छोटा रपटा पुल के उपर करीब 3 से 4 फिट पानी बह रहा था। वहीं छोटा रपटा पुल के पास होमगार्ड के जवान तैनात नजर आए जो नर्मदा के तेज प्रवाह के पास जाने वालों को दूर करते दिखाई दिए।
किसानों ने कहा अब बस करो इन्द्र
पिछले करीब दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते जहां नदी नालू उफान पर आ गए है तो वहीं खेतों में भी पानी भर गया है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए खेतों में भरा पानी एक तरह से अमृत के समान है। अब यदि आने वाले आने वाले करीब एक सप्ताह तक पानी नहीं भी गिरता है तो फसल को कोई नुकसान नहीं होगा।
मक्का को हो रहा नुकसान
जहां एक ओर लगातार बारिश से धान की फसल खेतों में लहलहा रही है तो वहीं जिन किसानों ने मक्का की फसल खेतों में लगाए थे उनके चेहरे में चिंता की लकीरें खिंच गई है। कृषक जाकिर भाईजान ने बताया कि लगातार बारिश से मक्का की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और पानी के चलते जहां मक्का के पौधे जमीन में लेट गए हैं तो वहीं जिसका असर अब यह होगा कि यदि किसी तरह ये पौधे सड़ने से बच भी गए तो इनमें आने वाला मक्का का बीज काफी छोटा होगा। जिससे किसानों को अपेक्षाकृत नुकसान ही उठाना पड़ेगा।
सर्वे की मांग
मक्का बोने वाले कई किसानों का कहना है कि सरकार को मक्के की फसल का सर्वे कराया जाना चाहिए ताकि किसानों को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हो सके।
कई मार्ग हो गए बंद
लगातार बारिश का असर यह हुआ कि कई मार्ग में पड़ने वाली पुल-पुलिया बाढ़ के पानी में डूब गई जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जानकारी अनुसार बालाघाट-मंडला, सिवनी-मंडला, चिरईडोंगरी-खटिया-मोचा, डिठौरी-नैनपुर, केवलारी-पिंडरई, पिंडरई-तिंदुआ, नैनपुर-पिंडरई, सर्रा पिपरिया-पाठासिहोरा आदि कई मार्गो में आवाजाही कई घंटों तक बाधित रही।
इस बार पिछले साल से अधिक बारिश
जिले में इस वर्ष एक जून से 29 अगस्त के दौरान 1105.0 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1045.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत्् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 59.3 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज की गई है। शनिवार को मंडला तहसील में 64.4 मिमी., नैनपुर में 95.8, बिछिया में 48.2, निवास में 66.4, घुघरी में 28.1 तथा नारायणगंज में 109.2 मिमी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 29 अगस्त को 68.6 औसत वर्षा दर्ज की गई है।
लगातार बारिश से नर्मदा उफान पर, कई मार्गों का संपर्क टूटा