मध्यप्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े,होशंगाबाद में सेना और हेलिकॉप्टर बुलाए गए,कटनी में दीवार गिरने से 4 बच्चों की मौत

भोपाल, मध्यप्रदेश के बारिश से हालात मुश्किल हो रहे हैं। शनिवार को होशंगाबाद में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। इसके चलते अब सेना को बुलाया गया है। एनडीआरएफ की दो यूनिट भी मदद के लिए पहुंच रही हैं। हेलिकाप्टर भी तैनात किए गए हैं। 47 साल बाद होशंगाबाद में नर्मदा नदी का इतना विकराल रूप देखने को मिला है। उधर छिंदवाड़ा भी बाढ़ की चपेट में है। रायसेन में लगातार बारिश से हालात खराब हो रहे हैं। 150 से अधिक लोगों को दूसरी जगह पहुंचाया गया है। राजधानी भोपाल की निचली बस्तियां लबालब हो गई है। जबलपुर, नरसिंहपुर सहित नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है। प्रशासन अलर्ट पर है।
एक नजर में
-खतरे की निशान से 5 फिट ऊपर बह रही नर्मदा
-अगले 48 घंटे में 24 जिलों में अलर्ट
-नर्मदा नदी का जल स्तर 968.90 फिट के पार
-प्रदेश में 251 में से 120 डैम में पानी क्षमता से 90 प्रतिशत से ज्यादा
-तवा डैम के सभी 13 गेटों को 30-30 फीट खोला गया
-47 साल बाद फिर होशंगाबाद में दिखा नर्मदा नदी का इतना विकराल रूप
-भोपाल में बस्तियां खाली कराई गईं; प्रशासन अलर्ट मोड पर
-कोविड हॉस्पिटल चिरायु में पानी भरा; स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
-राजधानी में 24 घंटे की बारिश में मकानों की छत गिरीं, अधिकारी फील्ड में उतरे
-इंदिरा सागर के 12 और ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खुले, नर्मदा पट्टी वाले जिलों में रेड अलर्ट, नदी किनारे गांवों में धारा 144
-एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अलर्ट पर
प्रदेश के बांधों की स्थिति
तवा डैम के सभी 13 गेट खोले गए हैं।
इंदिरा सागर के 22 गेट खोले गए हैं।
ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट खोले गए।
राजघाट 18 में से 14 गेट खोले गए।
बरगी के 21 में से 17 गेट खोले गए।
मंडला, पेंच बांध के सभी गेट खोले गए हैं
भोपाल में भदभदा के 10 गेट खोले गए
दरअसल, लगातार हुई बारिश से प्रदेश में 251 में से 120 डैम में पानी क्षमता से 90 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। ऐसे में ज्यादातर डैम को गेट खोलने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। होशंगाबाद की बात करें तो यहां भारी बारिश से नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान 964 फीट से 5 फीट ऊपर यानी 968.90 पर पहुंच गया। तवा डैम के सभी 13 गेट को 30-30 फीट खोलकर 5 लाख 33 हजार 823 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है।
फिलहाल बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर और आगर में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर समेत 18 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के चौरई, परासिया, हर्रई, उमरेह, मोहखेड़ा, अमरवाड़ा, छिंदवाड़ा, सोहागपुर, पचमढ़ी, टिमरनी, सिवनी, होशंगाबाद, सौसर में, जुन्नारदेव, बिछुआ, नरसिंहपुर, करेली, सिवनी मालवा, शाहपुर, इटारसी, बनखेड़ी, घोड़ाडोंगरी, गौहरगंज, चांद, तामिया, बाबई, मुलताई, डोलरिया, बैतूल में लगातार बारिश हो रही है।
मुख्यमंत्री हालात पर रखे हुए हैं नजर
होशंगाबाद में बाढ़ के साथ ही सीहोर, रायसेन, सागर में तेज बारिश और मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना दौरा रद्द कर दिया। सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पर आपात बैठक बुलाई। उन्होंने प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्थिति पर नजर बनाए रखें। जहां जैसी जरूरत हो, उस पर तुरंत कदम उठाएं। शिवराज ने कहा कि नर्मदा और उसकी सहयोगी नदियों में जलस्तर बढ़ गया है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अलर्ट पर हैं।
खंडवा, खरगोन, बड़वानी और धार में रेड अलर्ट
इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने के बाद नर्मदा ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण खंडवा, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। खंडवा में प्रशासन नर्मदा के किनारे बसे गांवों पर नजर रखे हुए हैं। दोनों बांधों से करीब 10 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। वहीं, सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग नाव की मदद से सामान शिफ्ट कर रहे हैं।
भोपाल में भदभदा डैम के 10 गेट खोले गए
राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते भदभदा डैम फुल हो गया। उसके सुबह ही 10 गेट खोलने पड़े।
नदी किनारे गांवों में धारा 144
इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने के बाद नर्मदा ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण खंडवा, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। एनएचडीसी के अलावा खंडवा जिला प्रशासन नर्मदा पट्टी स्थित गांवों में नजर बनाए हुए हैं। बांध प्रशासन के मुताबिक दोनों बांधों से करीब 10 हजार क्युमेक्स प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है जिससे नर्मदा का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। ओंकारेश्वर में सभी घाट जलमग्न हो गए हैं। घाटों तक लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित कर दी गई है। प्रशासन ने नदी किनारे गांवों में धारा 144 लगा दी है। खंडवा जिला प्रशासन ने खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में सूचना जारी कर अलर्ट कर दिया है। साथ ही नीचे की पट्टी के जिलों को सूचना जारी कर दी है। बरगी बांध का पानी छोडऩे के कारण यहाँ पानी बढ़ गया था गेट खोलने पड़े हैं।
इंदिरा सागर बांध के 12 गेट खुले
नर्मदा बेसिन के ऊपरी क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण इंदिरा सागर बांध में तेजी से पानी बढ़ रहा है। इसके चलते 12 गेट दो-दो मीटर तक खोलकर 6 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बांध प्रमुख अनुराग सेठ ने बताया शुक्रवार रात 8 बजे बांध का जलस्तर 261.04 मीटर था। इससे पहले बांध के छह गेट आधा-आधा मीटर खोले गए थे। उन्होंने बताया सभी आठों मशीनें चलाकर एक हजार मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। ओंकारेश्वर बांंध का जल स्तर 195.12 मी. पहुंचा
इंदिरा सागर बांध का पानी तेजी से ओंकारेश्वर बांध में आने के कारण इस सीजन में पहली बार बांध के 23 में से 21 गेट खोले गए। महाप्रबंधक प्रशांत दीक्षित ने बताया 21 गेट खोलकर और 8 टरबाईन से 10 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ रहे। बांध प्रबंधन से सूचना मिलने के बाद सभी घाटों को खाली करवा लिया गया। किसी भी श्रद्धालु या व्यक्ति को नर्मदा किनारे नहीं जाने के निर्देश दे दिए थे।
बड़वानी में राजघाट का जलस्तर बढ़ा
इंदिरा सागर व के 12 व ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राजघाट में नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है। इस कारण राजघाट में नर्मदा नदी का जलस्तर 130.600 मीटर पर पहुंच गया है। राजघाट रोड पर लोग नर्मदा का दर्शन-पूजन करने व फोटो खिंचने के लिए लोग आ रहे हैं। हालांकि यहां जवान तैनात किए हैं, जो लोगों को पानी के पास जाने से रोक रहे हैं। नर्मदा खतरे के निशान से 7.320 मीटर ऊपर बह रही है। खतरे का निशान 123.280 पर है।
उधर,कटनी जिले के उमरियापान थाना अंतर्गत शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बनहरा गांव में कच्ची दीवार बच्चों के ऊपर गिर गई। इसमें 4 बच्चों की मौत हो गई। इन बच्चों में सगे भाई बहन भी शामिल हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बनहरा गांव में जेठू पिता कमला कोल के घर की बाउंड्री की दीवार बाहर की तरफ गिर गई। इसमें दीवार के बगल में खेल रहे बच्चे दब गए। घटना में पिंकी पिता संतू कोल (8), ललित पिता संतू कोल(4), अन्नापूर्णा पिता शिवा निवासी ब्योहारी शहडोल, सुहानी पिता मुकेश कोल (7) दब गए। इसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। उधर सिवनी के धनौरा थाना के सुनवारा गांव में मकान की दीवार ढहने से महिला की मौत हो गई। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी कई लोगों के मरने की खबर है।

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