नई दिल्ली , गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ हुई झड़प में जख्मी सभी भारतीय जवानों की हालत स्थिर है और वे जल्द ही अपनी ड्यूटी पर वापस लौट जाएंगे। पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी के पास गलवान घाटी में जवान की रात भारत व चीनी सेना के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से कहा, “किसी भी जवान की हालत गंभीर नहीं है, वे सभी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। 18 जवानों का इलाज सेना के लेह अस्पताल में चल रहा है और वे करीब 15 दिनों में अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट जाएंगे। वहीं, 58 जवान दूसरे अस्पतालों में भर्ती हैं और वे 7 दिनों के भीतर ही अपना कार्य संभाल लेंगे।
पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सेनाओं के बीच गतिरोध कम करने के प्रयासों के बीच गलवान घाटी में तीन घंटे तक दोनों सेनाओं के बीच चले खूनी संघर्ष में भारतीय सेना के एक कमांडिग अधिकारी कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गए। इस झड़प में चीनी जवानों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है, लेकिन चीन की तरफ से यह नहीं बताया गया है कि उसके कितने सैनिक हताहत हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार 43 चीनी सैनिक या तो गंभीर रूप से घायल हुए हैं या मारे गए हैं। चीन द्वारा हताहत हुए सैनिकों की संख्या सावर्जनिक नहीं किए जाने की बाबत कहा जा रहा है कि बीजिंग की तरफ से गुडविल के तौर पर ऐसा किया जा रहा है ताकि दोनों देशों की जनता के बीच सैनिकों की मौतों को लेकर तुलना न हो। हालांकि उसी दिन घायल सैनिकों की तलाश में चीनी हैलीकॉप्टर दिन भर एलएसी के करीब देखे गए। खबर है कि घायल जवानों को एयर लिफ्ट करने की कोशिश की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी नहीं हुई।
गलवान घाटी में चीनी सैनिकों संग झड़प में घायल जवानों की हालत में सुधार, 15 दिनों में ड्यूटी पर लौट आएंगे