मुंबई, पृथ्वी पर एक स्वर्ग, कश्मीर के सुरम्य स्थानों में स्थित, मुददा 370 जे एंड के उन खूबसूरत स्थानों की कहानी बतलाता है जो 1947 के युद्ध बाद से लहू लोहान हो गया। कई बार जम्मू और कश्मीर में विद्रोहियों को बर्फ को लाल करते देखा है, तो बार नौजवानों ने आतंकवादी बनकर उसकी खूबसूरत फ़िज़ाओं में बारूद बिखेरा। यह कहानी विस्थापित कश्मीरी पंडितों की है, उनके दर्द और पीड़ा की है जो अपनी ही मातृभूमि में शरणार्थी बन गए थे। कश्मीर दशकों से 370 और 35 (अ) जैसे धाराओं के घावों से घिर गया है। फिर भी कश्मीर की भावना निरंकुश है, और यह कहानी एकदम सही जगह साबित हुयी, एक कश्मीरी पंडित दीनानाथ के बेटे सूरज और एक मुस्लिम लड़की अस्मा के बीच की एक प्रेम कहानी के लिए। यह कहानी 1989 की है, जहां सूरज और अस्मा का प्यार कश्मीरी सीमा उग्रवाद की सीमा पार कर जाता है। क्या सूरज और अस्मा का प्यार रक्तपात को पछाड़ पाएगा? जम्मू-कश्मीर घाटी, राजनीतिक पृष्ठभूमि में कश्मीर की भावना, आशा और प्रेम की इसी कहानी को बतलाता है राकेश सावंत की फिल्म मुददा 370,जे एंड के।
पृथ्वी पर एक स्वर्ग फ़िल्म ‘मुद्दा 370 जे एंड के’ का पोस्टर्स रिलीज