पासवान अब सिर्फ केंद्रीय मंत्री का दायित्व संभालेंगे, पार्टी को सँभालने की जिम्मेदारी चिराग को मिली

पटना, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के हाथों में जल्द ही पार्टी की कमान मिलने वाली है। इसका संकेत तो ख़ुद रामविलास पासवान ने दिया। पासवान ने अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने की बात तो कही लेकिन पशुपति कुमार पारस बताया ‎कि पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग ही होंगे। पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर 28 नवंबर को औपचारिक तौर पर पार्टी की कमान उनको मिल जाएगी। इसके पहले पार्टी की तरफ से तय किया गया कि पार्टी के बिहार अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को अब दलित सेना की कमान दी जाए। पासवान ने इस बात का एलान करते हुए साफ कर दिया कि पारस दलित सेना की ज़िम्मेदारी संभालेंगे जबकि चिराग पासवान तत्काल पार्टी के बिहार अध्यक्ष का पद संभालेंगे। दरअसल दलित सेना की जि‍म्मेदारी पासवान के छोटे भाई और समस्तिपुर से सांसद रामचंद्र पासवान संभाल रहे थे लेकिन उनके निधन के बाद पशुपति पारस को यह ज़िम्मेदारी दी गई है। इस नियुक्ति के दो मायने हैं। पहला पार्टी में अब पशुपति पारस को किनारे कर दिया गया है और दूसरा अब पार्टी पर चिराग की पूरी पकड़ हो जाएगी।
दरअसल पशुपति पारस पार्टी की स्थापना के वक़्त से ही पार्टी के बिहार अध्यक्ष थे। 28 नवंबर 2000 को एलजेपी की स्थापना के वक़्त से ही रामविलास पासवान राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे लेकिन प्रदेश की कमान पशुपति पारस के हाथो में ही रही। 18 सालों तक प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहने के बाद पारस का हटना और उन्हें दलित सेना की ज़िम्मेदारी देना दिखा रहा है कि अब पार्टी में अब उनका सूरज ढल चुका है और पार्टी में अब उनका जलवा पहले की तरह नहीं रह पाएगा। इसका कारण है एक तो वे पहले ही बतौर सांसद दिल्ली की राजनीति में शिफ़्ट कर चुके हैं और अब प्रदेश अध्यक्ष के पद से उनकी विदाई हो गई है, लेकिन उनकी विदाई को सही साबित करने के लिए तर्क अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने का दिया जा रहा है और इसके लिए उदाहरण खुद रामविलास पासवान दे रहे हैं। पार्टी के निर्णय के मुताबिक़ रामविलास पासवान अब केवल केंद्रीय मंत्री की भूमिका में ही रहेंगे, जबकि पार्टी की पूरी कमान अब चिराग के हाथो में होगी।

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