भोपाल, बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के आरोपियों को अभी तक न्याय के कटघरे में खडे करने का सिलसिला जारी है। हाल ही व्यापमं द्वारा आयोजित आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 घोटाले मामले में आरोपित अभ्यर्थी (मुन्ना भाई) को अदालत ने 4 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने ढाई हजार रूपए जुर्माना भी ठोका है। यह फैसला मंगलवार को व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने सुनाया। जानकारी के मुताबिक 2014 में 23 वीं वाहिनी विसबल भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी जहां ग्राम बीरई, पोस्ट वलीपुर , जहांनाबाद, फिरोजाबाद उत्तरप्रदेश निवासी अभ्यर्थी विनय कुमार यादव उपस्थित हुआ था। परीक्षा केंद्र् में उपस्थित पर्यवक्षकों ने अभ्यर्थी के दस्तावेजों की जांच की तो उनमें प्रवेश पत्र में चस्पा अभ्यर्थी का फोटो, हस्ताक्षर व अन्य दस्तावेज मेल नहीं खा रहे थे।
सख्ती से पूछताछ पर अभ्यर्थी विनय कुमार ने बताया कि वह ही असल अभ्यर्थी है लेकिन पूर्व की लिखित परीक्षा में उसके स्थान पर अन्य व्यक्ति सम्मिलित हुआ था। वह सिर्फ चयन हेतु ही उपस्थित हुआ है। इस मामले में पुलिस व सीबीआई फर्जी अभ्यर्थी सह आरोपित को ढूंढ ही नहीं सकी थी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी, फर्जीवाड़े, षडयंत्र और मध्यप्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत अपराध कायम किया था। मामले में प्रकरण दर्ज होने के बाद जांच एसटीएफ द्वारा की गई उसके बाद आगे की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने सह आरोपित का नाम और पता न होने पर आरोपित विनय कुमार के खिलाफ अदालत में मामले का चालान पेश किया था। मालूम हो कि व्यापमं घोटाले को प्रदेश की कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने देश का अब तक सब तक का महाघोटाला करार दिया था। इस मामले में एक तत्कालीन सरकार के मंत्री को जेल की हवा भी खानी पडी थी।
आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले में मुन्ना भाई को चार साल की कैद और जुर्माना भी ठोका