वाराणसी,पूर्वांचल के 13 संसदीय क्षेत्रों में इस बार का आम चुनाव काफी दिलचस्प होगा। पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एक तरह से क्लीन स्विप किया था। पूर्वांचल की 13 में से 12 सीटें भाजपा और सहयोगी अपना दल के कब्जे में आई थीं। 2014 की मोदी लहर में सपा के नेता आजमगढ़ में मुलायम सिंह यादव जीत सके थे। हालांकि तब परिस्थितियां उलट थीं। सपा और बसपा दोनों ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। मऊ, गाजीपुर और बलिया में अपना प्रभाव रखने वाले अंसारी बंधुओं की पार्टी कौमी एकता दल ने भी उम्मीदवार उतारे थे। पिछले बार मिले वोटों को सपा और बसपा एक दूसरे को ट्रांसफर कराने में सफल रहीं तो बीजेपी से सीधी टक्कर हो सकती है। इस बार सपा और बसपा गठबंधन के साथ मैदान में उतरी हैं। पूर्वांचल की 13 सीटों में सात पर बसपा और छह पर सपा के प्रत्याशी मैदान में है। अंसारी बंधुओं की पार्टी कौमी एकता दल का बसपा में पहले ही विलय हो चुका है। इसकारण इस बार गठबंधन भाजपा को सीधी टक्कर देगा। लालगंज, मछलीशहर, जौनपुर, गाजीपुर, भदोही, सलेमपुर, घोसी से बसपा प्रत्याशी उतारेगी। वाराणसी, चंदौली, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, आजमगढ़, बलिया से सपा प्रत्याशी मैदान में आएंगे।
गठबंधन प्रत्याशियों की जीत के लिए सपा, बसपा के बड़े नेता भी उन सीटों पर खास रणनीति अख्तियार कर रहे हैं,जहां उनका गढ़ रहा है और पिछले चुनाव में नजदीकी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। साथ ही पिछले चुनाव में सपा और बसपा के खाते में गए वोटों को जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले चुनाव में नरेंद्र मोदी के वाराणसी संसदीय सीट से उम्मीदवार होने के बाद मोदी लहर को कम करने और पूर्वांचल में सपा के गढ़ को बचाने के लिए सपा मुखिया खुद आजमगढ़ से पहली बार मैदान में उतरे। हालांकि तब केवल सपा आजमगढ़ सीट ही बचा सकी। अब इस सीट पर सपा मुखिया अखिलेश यादव मैदान में हैं। इस बार आजमगढ़ सीट बड़े अंतर से जीतने का प्रयास सपा कर रही है। पिछले चुनाव में मुलायम सिंह यादव 340306 मत पाकर जीते। दूसरे नंबर पर भाजपा के रमाकांत यादव ने 277102, तीसरे स्थान पर बसपा के गुड्डू जमाली ने 266528 मत पाया था। मुलायम सिंह यादव 63204 मतों से विजयी रहे। गाजीपुर, लालगंज, घोसी, बलिया और जौनपुर में पिछले चुनाव में जीत का अंतर अन्य सीटों की अपेक्षा कम था।
वहीं गाजीपुर में भाजपा के मनोज सिन्हा ने 3 लाख 6 हजार 929 मत पाकर सपा की शिवकन्या कुशवाहा से मात्र 32 हजार 454 वोटों से जीते थे। जबकि सपा के कैलाश नाथ यादव को 2 लाख 41 हजार 645 मत मिले थे। घोसी में भाजपा के हरिनारायण राजभर 3 लाख 79 हजार 797 मत पाकर जीते थे। यहां बसपा के दुर्गा चौहान 2 लाख 33 हजार 782, सीपीआई के अतुल अंजान को 1 लाख 81 हजार 162 और कौमी एकता दल से मोख्तार अंसारी को 1 लाख 66 हजार 443 और सपा के राजीव राय को 1 लाख 65 हजार 887 वोट मिले थे। यहां अब सीपीआई को छोड़ दें तो सपा, बसपा व कौएद एक हैं। बलिया में भाजपा के भरत सिंह 3 लाख 59 हजार 758 मत पाकर जीते थे। दूसरे नंबर पर सपा के नीरज शेखर को 2 लाख 20 हजार 324 मत मिले। कौमी एकता दल के अफजाल अंसारी को 1 लाख 63 हजार 943 और बसपा के वीरेंद्र पाठक को 1 लाख 41 हजार 684 मत मिले थे। जौनपुर में भाजपा के केपी सिंह 3 लाख 67 हजार 149 मत पाकर जीते थे। दूसरे नंबर पर बसपा के सुभाष पांडेय रहे, जिन्हें 2 लाख 20 हजार 839 मत मिले। तीसरे नंबर पर सपा के पारसनाथ यादव को 1 लाख 80 हजार 3 मत मिले थे। लालगंज सुरक्षित सीट पर भाजपा की नीलम सोनकर 3 लाख 24 हजार 16 मत के साथ विजयी रहीं। सपा के बेचई सरोज को 2 लाख 60 हजार 930 और बसपा के डॉ. बलिराम को 2 लाख 33 हजार 971 मत मिले थे।
पूर्वांचल की 13 सीटों पर रोचक हुआ मुकाबला, सपा और बसपा के साथ आने से टक्कर हुई कड़ी