शहडोल,एक ओर शासन सागौन, सरई एवं अन्य इमरती प्रजातियों के पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगा कर रखा है वहीं दूसरी ओर खैरहा क्षेत्र के हरदी-32 वन चौकी परिक्षेत्र अन्तर्गत रात-दिन इमारती लकड़ी की कटाई कर तस्करी की जा रही है। हरदी-32 वन चौकी परिक्षेत्र के अर्झुली बीट और सिरौंजा बीट के जंगल में जाकर देखा जाये तो सागौन के पेड़ों को जड़ से काटा गया है।
रात में होती है कटाई व परिवहन
बताया जा रहा है कि हरदी-32 वन चौकी अन्तर्गत खैरहा, सारंगपुर, हरदी, जवारी, सिलपरी क्षेत्र के जंगल में रात में सागौन के पेड़ों की कटाई करके घर ले आते हैं और फिर एक-दो दिन में मौका मिलते हुए ही चोरी छुपे काटे गए लकडिय़ों को बेच देते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खैरहा में मो.असलम, मो.सुजूद जैसे कई ऐसे लकड़ी तस्कर हैं जिनके घरों मे सागौन की लकड़ी रखी हुई है और इनकी जानकारी हरदी-32 वन चौकी के डिप्टी रेंजर व खैरहा थाना प्रभारी को भी है लेकिन उनके द्वारा कभी कोई कार्यवाही नहीं की जाती। खैरहा क्षेत्र मे स्थिति यह है कि लकडी का काम करने वाले अधिकांश लोगों के यहां सागौन के लकडी या पटिया भरे पड़े हैं। कुछ तस्कर तो रात के समय साइकिल, मोटर साइकिल से बेखौफ होकर खैरहा थाना के सामने से कंदोहा, धमनी, जवारी की तरफ जाकर चोरी की लकड़ी बेच रहे हैं।
वन अमला की मिलीभगत
हरदी-32 वन परिक्षेत्र अन्तर्गत जंगल से सागौन की लकडिय़ों की चोरी रात के समय होती है। लोगों का कहना है कि इस अवैध कटाई व तश्करी की सूचना वन चौकी को देने के बाद भी वह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं और कहते हैं कि लकड़ी की तश्करी करने वाला सामने मिले तब हम बतायें। खैरहा क्षेत्र में इमारती लकड़ी की चोरी कौन करता है इसकी जानकारी भी डिप्टी रेंजर व खैरहा थाना प्रभारी को है लेकिन वह चुप्पी साधे बैठे हैं।
जंगल में चल रही सफाई, खैरहा क्षेत्र में इमारती लकड़ी की अवैध कटाई की जा रही