नई दिल्ली,राफेल फाइटर जेट से भारतीय सेना को मजबूती मिलेगी, राफेल एक अच्छा विमान है। यह बात वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कही। उन्होंने कहा कि जब यह विमान उपमहाद्वीप में आएगा तो यह बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमें अच्छा पैकेज मिला है। हमें इस सौदे में कई फायदे मिले हैं। बुधवार को एक कार्यक्रम में धनोआ ने कहा कि दसॉल्ट एविएशन को ऑफसेट साझेदार का चयन करना था और इसमें सरकार, भारतीय वायु सेना की कोई भूमिका नहीं थी। इससे पहले भी धनोआ ने कहा था कि राफेल से भारतीय सेना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार का समर्थन करते हुए कहा था, राफेल और एस-400 देकर सरकार भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ा रही है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
उन्होंने कहा था- केंद्र सरकार आज हमें राफेल लड़ाकू विमान देने की तैयारी करवा रही है। इन विमानों के जरिए हम सेना के सामने जो भी मुश्किलें हैं, उसका सामना कर पाएंगे। राफेल दोहरे इंजन से लैस फ्रांसीसी लड़ाकू विमान है और इसका निर्माण दसॉल्ट एविएशन ने किया है। राफेल विमानों को वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सक्षम लड़ाकू विमान माना जाता है। भारत और फ्रांस ने 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 23 सितंबर, 2016 को 7.87 अरब यूरो (लगभग 59,000 करोड़ रुपए) के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। विमान की आपूर्ति सितंबर 2019 से शुरू होगी। राफेल विवाद में दिलचस्प मोड़ पिछले महीने तब आया जब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से कहा गया कि फ्रांस को दसॉल्ट एविएशन के वास्ते भारतीय साझेदार चुनने के लिए कोई विकल्प नहीं दिया गया था। मोदी ने 10 अप्रैल 2015 को पेरिस में ओलांद के साथ बातचीत के बाद 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा की थी।
राफेल एक अच्छा फाइटर जेट, लाभकारी रहेगा : धनोआ