जबलपुर,जीआरपी (रेल पुलिस) ने एक दम्पत्ति और उनके मासूम बच्चों को हिरास में ले लिया है। ये लोग मिलकर ट्रेनों में अंजानों की तरह यात्रियों से बातचीत करते थे और मौके मिलते ही चालाकी के साथ स्टेशन पर उनका माल पार कर देते थे। पूछताछ में युवक ने बताया कि ये उसकी दूसरी पत्नी है और ये लोग पिछले चार सालों में पांच सौ से अधिक यात्रियों को अपना शिकार चुके हैं। इनके वारदात करने का तरीका यात्रियों को साथ-साथ यात्रा करने और टिकिट लाने तथा सामान की तकबारी करने का झांसा देकर चोरी करने का रहा है। पुलिस ने पति-पत्नी के साथ-साथ तीन साल की मासूम बेटी और एक साल के बेटे को भी अपनी हिरासत में रखा है। जीआरपी थाना प्रभारी वाई.पी. मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलतः औरंगाबाद बिहारी निवासी ३५ वर्षीय मनोज गुप्ता विगत चार वर्षों से कृपाल चौक में किराये के मकान में रहते हैं। युवक की पहली पत्नी अपनी पांच वर्षीय बेटी के साथ बिहार में रहती है। दूसरी पत्नी पूजा उसके साथ अपनी तीन वर्षीय बेटी तथा एक वर्षीय बेटे के साथ रहती है। पति-पत्नी रेलवे स्टेशन में अनजान बनकर एक-दूसरे से मिलते और हिार व झारखंड जाने वाले यात्रियों को अपने जाल में फंसाते। युवक यात्री से बातचीत कर दोस्ती करता और साथ में सफर करने की बात कहते हुये उसके लिये टिकिट लाने की बात कहती। युवक अपना यात्री का सामान महिला के साथ रखकर टिकिट लेने चले जाते और आके देखते तो महिला सामान सहित गायब मिलती।
इसके अलावा पति-पत्नी साथ में बैठक किसी यात्री से बातचीत में फंसाते। युवक व टिकिट लाने जाते तो महिला सामान पार कर देती। इसके अलावा टिकिट लाने के लिये यात्री से रूपये लेते तो युवक वापस नहीं लौटता और महिला भी बच्चों के साथ गायब हो जाती थी। आरोपी दम्पत्ति ने पिछले चार सालों में पांच सौ से अधिक चोरी व जालसाजी की वारदातों को अंजाम देना कबूला है। युवक बिहार निवासी अपनी पत्नी व परिवार का पालन-पोषण चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर करता था। पहली पत्नी के खाते में वह रकम भेजता था। जीआरपी पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
4 साल में पांच सौ से अधिक वारदातें , दूसरी पत्नी के साथ मिलकर रेल यात्रियों को बनाते थे शिकार