कच्चे मकान की दीवार के नीचे दबने से मजदूर की मौत, छह घण्टे तक नहीं होने दिया पीएम

अशोकनगर,जिला मुख्यालय से तीन किमी दूर देहात थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम धौरा में एक कच्चे मकान की दीवाल गिराते समय मजदूर और मकान मालिक दीवार के नीचे दब गए। उक्त घटना में मजदूर मानसिंह पिता कन्हैराम अहिरवार 45 साल की मौत हो गई। जिससे आक्रोशित मृतक के परिजनों द्वारा जिला अस्पताल में करीब छह घण्टे तक जमकर हंगामा किया और मकान मालिक पर हत्या के आरोप लगाए गए।
घटना शनिवार देर शाम की है, जानकारी अनुसार धौरा गांव में एक कच्चे मकान की दीवार गिराने का काम चल रहा था। बारिश के मौसम की वजह से दीवार पहले से ही गीली थी, जिसके कारण दीवार एक दम गिर गई। दीवाल गिरने से मजदूर और मकान मालिक दब गए। जिन्हे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां मजदूर मानसिंह अहिरवार की मौत हो गई, वहीं मकान मालिक कृपाल सिंह यादव के कंधे आदि में चोटें आई हैं, जिसका उपचार किया जा रहा है। शनिवार को ज्यादा रात हो जाने की वजह से रविवार की सुबह मृतक को पीएम के लिए ले जाया जा रहा था। लेकिन इसी दौरान मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया और मकान मालिक कृपाल सिंह पर जानबूझकर हत्या के आरोप लगाए गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हे इस बात की जानकारी नहीं दी कि हादसा हुआ है और बिना बताए अस्पताल ले गए।
हमें नहीं दी हादसे की जानकारी:
मृतक की पत्नि ने बताया कि वह मजदूरी पर नहीं जाना चाहते थे। कृपाल सिंह उन्हे जबरदस्ती घर से मजदूरी के लिए बुलाकर ले गया था। जिसके बाद शाम तक वह घर वापिस नहीं आए और न ही हादसे की कोई जानकारी मिली थी। मृतक के बड़े बेटे हरवीर अहिरवार 24 साल ने बताया कि मैं और मेरे दो छोटे भाई इंदौर में रहते हैं। सबसे छोटा भाई पढाई कर रहा है और हम दोनो भाई मजदूरी करते हैं। देर शाम को घर वालों ने फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद अशोकनगर आए तो मां ने बताया कि कृपाल सिंह यादव मजदूरी कराने के लिए जबरजस्ती बुलाकर ले गया था। इसके बाद देर शाम पता चला कि उनकी मृत्यू हो गई है। इससे शंका है कि हमारे पिताजी को मारकर ही जिला अस्पताल लाया गया था। मृतक के पुत्रों ने बताया कि यदि हमको समय पर हादसे की जानकारी दे दी होती तो हम उनका सही से इलाज करा लेते या फिर बाहर ले जाते है।
पास-पास में हैं मृतक और मालिक के मकान:
मृतक के परिजनों ने बताए गए अनुसार मानसिंह अहिरवार और कृपाल सिंह यादव के मकान पास-पास में हीं हैं। इसके बाद भी घटना की जानकारी नहीं दी गई और बिना बताए जिला अस्पताल ले आए। सबसे छोटा पुत्र रामकृष्ण घर पर था, उसे में भी धटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
जिला प्रशासन की समझाइश पर माने परिजन:
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार सहित देहात पुलिस सुबह से ही जिला अस्पताल में तैनात हो गए। एसडीएम, तहसीलदार द्वारा मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह पीएम कराने को तैयार नहीं थे। इस बीच करीब दो बजे तक जिला अस्पताल में भारी भीड़ और हंगामा चलता है। दो बजे के बाद परिजन पीएम कराने के तैयार हुए जिसके बाद मृतक का पीएम कराया गया।

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