राज्यसभा में ओबीसी बिल और लोकसभा में एससी/एसटी बिल पास

नई दिल्ली, मानसून सत्र का 13वें दिन राज्यसभा में ओबीसी कमीशन बिल पास कर दिए गया। लोकसभा से पहले ही पास हो चुके इस बिल के बाद अब ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल गया है। इसके अलावा लोकसभा में एससी/एसटी एक्ट संशोधन बिल 2018 पेश किया गया, जहां इसे पारित कर दिया गया। इसके अलावा राज्यसभा में आपराधिक कानून संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस बिल में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामले में फांसी का प्रावधान किया गया है। लोकसभा से यह बिल पहले ही पारित हो चुका है।
राज्यसभा ने सोमवार को इससे संबंधित संविधान (123वां संशोधन) विधेयक 2017 को 156 के मुकाबले शून्य मतों से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। संविधान संशोधन होने के नाते विधेयक पर मत विभाजन किया गया, जिसमें सभी 156 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया। नेशनल कमिशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज (रिपील) बिल, 2017 के राज्यसभा में पारित होने के बाद अमित शाह ने पीएम मोदी को बधाई दी।
राज्यसभा में ओबीसी बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओबीसी का आरक्षण छीनकर जामिया मीलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीज को अल्पसंख्यक का दर्जा दे दिया। यादव ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने शासन में इस समाज को आगे बढ़ने से रोका है।
वहीं टीडीपी सांसद रवींद्र बाबू ने SC/ST बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कहा कि बीजेपी इसपर घड़ियाली आंसू बहा रही है अगर इन्हें सच में ही फिक्र है तो इस बिल को 9वीं अनुसूची में डाला जाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव की वजह से यह बिल लाई है, कोर्ट के फैसले के बाद 20-30 लोगों की जान गई है। सरकार अगर गंभीर थी तो अध्यादेश क्यों नहीं लेकर आई। टीडीपी सांसद ने कहा कि अंबेडकरजी के घर को बनाना सिर्फ दिखावा है। SC/ST के संपत्ति नहीं है सिर्फ अमीरों के पास देश का पैसा है।
राज्यसभा में आपराधिक कानून पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने कहा कि क्या बच्चियों से रेप करने वाले का भी मानव अधिकार होने चाहिए। उन्होंने सदन से अपील करते हुए कहा कि एक बार सोच कर देखें उन बच्चियों का हाल जिनके साथ ऐसे हादसे होते हैं क्या हम उनका दर्द दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कानून चाहिए जिससे रेप करने वाले सौ बार सोचें और उनके भीतर डर बैठे कि अगर पकड़े गए तो मृत्युदंड मिलेगा।

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