कैराना लोकसभा सीट पर 54 और नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में 61 फीसदी मतदान

लखनऊ, लगभग सभी राजनैतिक दलों द्वारा एक बार फिर ईवीएम को लेकर उसमें गड़बड़ी के आरोपों एवं प्रत्यारोपों के बीच उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट के लिए आज हुए मतदान में क्रमशः लगभग 54 प्रतिशत और 61 फीसदी मतदान हुआ। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने माना है कि कुछ स्थानों पर ईवीएम तथा कुछ स्थानों पर वीवीपैट खराब हुई है। लेकिन यह भी कहा कि इन खराबियों के चलते मतदान प्रभावित नहीं हुआ है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वरलू ने बताया कि मतदान के दौरान तीन बैलेट यूनिट, तीन कंट्रोल यूनिट तथा लगभग 384 स्थानों पर वीवीपैट खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुईं।
उन्होंने बताया कि शाम छह बजे तक कैराना में 54.17 प्रतिशत तथा नूरपुर विधानसभा में 61 प्रतिशत मतदान हुआ। 2014 में कैराना में 73.05 प्रतिशत जबकि 2017 में नूरपुर में 66.82 फीसदी मत पड़े थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के शामली व सहारनपुर जिले के कैराना लोकसभा एवं बिजनौर जिले के नूरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र से तीन बैलेट यूनिट, तीन कंट्रोल यूनिट तथा लगभग 384 स्थानों पर वीवीपैट खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुईं जिन्हें परिवर्तित कर मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन मतदेय स्थलों पर वीवीपैट खराब होने के कारण मतदान दो घंटे से अधिक बाधित रहा, उनके बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उक्त मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान के संबंध में आयोग द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक उपचुनाव के लिए होने वाले मतदान में कैराना सीट पर 16.09 लाख मतदाता हैं। कैराना में मतदाताओं की संख्या 3.06 लाख मतदाता हैं। कैराना में 12 तथा नूरपुर में 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। उपचुनाव में कुल 2056 मतदेय स्थल एवं 1094 मतदान केन्द्र थे। विज्ञप्ति में बताया गया कि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 184 मतदान बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गयी थी।
इससे पूर्व ईवीएम गडबडी की शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया था कि खराब ईवीएम बदली जा रही हैं और जहां आवश्यक हुआ, पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा। वेंकटेश्वरलू ने कहा कि खराब ईवीएम बदली जा रही हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि मैं राजनीतिक पार्टियों को आश्वासन देना चाहता हूं कि गड़बड़ ईवीएम मशीनें बदली जा रही हैं। अगर किसी वजह से वे बदल नहीं पाती हैं तो हम पुनर्मतदान का आदेश देने में हिचकिचाएंगे नहीं। विपक्षी सपा और रालोद ने कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों पर चल रहे मतदान के दौरान ईवीएम में गडबडी की शिकायत की थी। उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टवीट कर कहा था, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर ईवीएम में गड़बड़ी होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि हजारों ईवीएम में खराबी की शिकायतें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान भरी धूप में वोट डालने के लिए अपनी बारी के इंतजार में भूखे-प्यासे खड़े हैं। ये तकनीकी खराबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश की गई। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी। रालोद की उम्मीदवार तब्बसुम हसन ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि जानबूझकर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से हर जगह छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम और दलित बाहुल्य इलाके में खराब ईवीएम को नहीं बदला गया। भाजपा को लगता है कि वे इस तरह चुनाव जीत सकते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की है।
सपा नेता राजेंद्र चैधरी ने आरोप लगाया था कि नूरपूर में 140 ईवीएम खराब हैं क्योंकि उनके साथ छेड़छाड़ की गई है, ऐसी ही खबर कैराना से भी आई है। भाजपा फूलपूर और गोरखपुर का बदला लेना चाहती है इसलिए वे हमें किसी भी कीमत पर हराना चाहते हैं। विपक्ष के आरोपों से इंकार करते हुए हालांकि राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कह दिया था कि सरकार ने चुनाव आयोग से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने को कहा है। विपक्ष के आरोप निराधार हैं। भाजपा सांसद हुकुम सिंह के फरवरी में निधन के कारण कैराना सीट पर उपचुनाव हुए। अब सिंह की पुत्री मृगांका सिंह यहां से भाजपा प्रत्याशी हैं। नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेन्द्र सिंह चैहान की सड़क दुर्घटना में मौत के कारण उपचुनाव हुए। मतगणना 31 मई को होगी।

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