पटना, डबल मर्डर के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने विधायक मुख्तार अंसारी समेत आठ लोगों को बरी कर दिया है। मुख्तार अंसारी आठ साल पहले मऊ के मशहूर ठेकेदार मन्ना सिंह और उसके साथी राजेश राय की हत्या में आरोपी थे। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। अदालत ने सुनवाई के बाद इस मामले में तीन लोगों को दोषी करार दिया है। अदालत का निर्णय सुनने के बाद मुख्तार अंसारी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। गौरतलब है कि ठेकेदार मन्ना सिंह और उनके साथी राजेश राय की २९ अगस्त को २००९ हत्या कर दी गई थी।
मऊ में यूनियन बैंक के पास बाइक सवार बदमाशों ने मन्ना सिंह और राजेश राय की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हरेंद्र सिंह की तहरीर पर मुख्तार अंसारी समेत ११ लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में आठ साल तक सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान २२ गवाह में से १७ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। इस मामले में न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद ने बुधवार को फैसला सुनाया। जज की तरफ से सुनाए गए फैसले में मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी हनुमान पांडे, उमेश सिंह, संतोष सिंह अनुज कन्नौजिया, पंकज सिंह, उपेंद्र और रजनीश को बरी कर दिया। वहीं अमरेश कन्नोजिया, अरविंद यादव और जामवंत उर्फ राजू को सजा सुनाई गई। फैसला सुनाए जाने के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
डबल मर्डर केस में मुख्तार अंसारी समेत आठ बरी