मुंबई, बॉलीवुड में एक दशक से अधिक के अपने करियर में कंगना रनौत ने काफी शोहरत और पुरस्कार हासिल किए हैं। उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। वह पूरी तरह निश्चिंत हैं कि अगर इस मुकाम पर उनका कैरियर खत्म भी हो जाता है, तो उनके पास याद करने के लिए बहुत कुछ है।
कंगना ने सन 2006 में ‘गैंगस्टर’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनका कहना है कि फिल्म उद्योग में अपने सफर के दौरान वह खुद को पाने में और अपने डर पर जीत हासिल करने में सक्षम हुईं। कंगना ने कहा मैंने संघर्ष के दिनों में अपने डर के ऊपर काम किया और खुद को तलाशने की कोशिश की। लेकिन अब मैं खुद से, अपने व्यवहार से, महिला के रूप में खुद को लेकर और अपनी क्षमताओं से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मैंने बिना किसी ज्ञान के 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था, लेकिन 30 साल की उम्र में मैं खुद के बारे में काफी जानती हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर एक तरह की उपलब्धि की भावना है। मैं तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हूं और मैंने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड भी तोड़ा। अगर मेरा सफर यहां समाप्त भी होता है, तो मेरे पास याद करने के लिए भरी पूरी यादें बची रहेंगी। पूरी जिंदगी के लिए मेरे पास सफलता की बड़ी कहानी है।’
कंगना कहती हैं, ‘मुझे क्यों डर लगना चाहिए? मैंने जब घर छोड़ा था, तो मैं आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। अब मैं एक मेगास्टार हूं। मैं ऐसी महिला हूं, जो खुद को जानती है। यह एक बड़ी चुनौती है। अगर अब मुझे डर लगेगा तो मैं ताउम्र डरी रहूंगी।’ कंगना के मन में करियर समाप्त होने का डर नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी क्षमताओं पर विश्वास है। उन्होंने कहा कि फिल्म ही नहीं, वह किसी भी पेशे में अपनी जगह बना सकती हैं। लगता है कि कंगना ने बॉलीवुड से विदाई के बाद के लिए अभी से योजना तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने मनाली में एक खूबसूरत घर बनाया है और मैं वहां समय बिताना चाहती हूं। किताब लिखना चाहती हूं और फिल्म का निर्देशन करना चाहती हूं।’ कंगना ने हाल ही में टीवी शो ‘आपकी अदालत’ में रितिक रोशन, केतन मेहता, आदित्य पंचोली को लेकर विवादित बयान दिया था। ‘काबिल’ स्टार की पूर्व पत्नी सुजैन खान इसके बाद रोशन के पक्ष में आ खड़ी हुई थीं। हंसल मेहता निर्देशित कंगना की अगली फिल्म ‘सिमरन’ 15 सितंबर को रिलीज़ हो रही है।
यादें बची रहेंगी कैरियर का क्या वह तो खत्म होता ही है : कंगना