छतरपुर, 20 वर्षीय छात्रा की पत्थर से प्रहार कर हत्या करने के मामले में अदालत ने फैसाला सुनाया है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संगीता यादव की अदालत ने जघन्य एवं सनसनी खेज मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि ग्राम महेबा चौकीदार ने थाना ओरछा रोड मे 31 मार्च 2015 को सूचना दर्ज कराई कि दिन के करीब 12 बजे महेबा निवासी सुखदेव ने उसे फोन पर सूचना दी कि खेत के पास पहाड़िया में एक अज्ञात लड़की उम्र 20 वर्ष की लाश पड़ी हुई है सिर से खून निकल रहा था। पुलिस ने मर्ग कायम करके जांच शुरु की। जांच में मृतिका का नाम कु0 सविता पुत्री शंकर रैकवार निवासी छतरपुर पता चला। पुलिस ने विवेचना के दौरान शक के आधार पर सूरज रैकवार पुत्र रामकिशोर रैकवार निवासी बड़ी कुंजरहटी को हिरासत में लेकर पूंछतांछ की। सूरज ने पुलिस को बताया कि 31 मार्च 2015 को 7 बजे करीब वह सविता रैकवार को महाराजा कॉलेज के सामने से घुमाने के बहाने स्कूटी में बैठाकर महेबा की पहाड़ी पर ले गया था। सविता सूरज से एक लाख रुपए मांग रही थी। सूरज के पास एक लाख रुपए नही थे। लेकिन सविता रुपए लेने के लिए जिद कर रही थी। इसी बात पर से सूरज का सविता से विवाद हो गया। और मौके पर पड़ा पत्थर सविता के सिर पर सूरज ने मार दिया। सविता बेहोश हो गई। तब सूरज ने दूसरा पत्थर उठाकर सविता के सिर पर पटक दिया। पत्थर लगने से सविता की मौके पर ही मौत हो गई। और सूरज अपने घर भाग आया। पुलिस ने आरोपी सूरज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। तत्कालीन एसपी ललित शाक्यवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले को जघन्य एवं सनसनी खेज मामले में चिन्हित किया। थाना प्रभारी निरीक्षक आरएस चौहान ने अपनी टीम के साथ मामले की विवेचना कर मामले को अदालत में पेश किया। एसपी श्री शाक्यवार के निर्देशन पर तत्कालीन एएसपी नीरज पांडे एवं एडीपीओ केके गौतम ने लगातार इस मामले की समीक्ष एवं मॉनीटरिंग की। अभियोजन पक्ष की ओर से डीपीओ एसके चतुर्वेदी ने आरोपी सूरज के खिलाफ मामले के सभी सबूतों एवं पक्षों को अदालत के सामने पेश किए। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संगीता यादव की अदालत ने फैसाला सुनाया कि आरोपी आरोपी सूरज ने सविता की निर्मम हत्या की है। आरोपी सूरज को दोषी करार देकर अदालत ने आईपीसी धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
छात्रा की हत्या के आरोप में उम्रकैद