गौशाला में साधु-संतों को मिल जाएगा कार्रवाई का अधिकार

ग्वालियर, एक माह में नगर निगम की लाल टिपारा गौशाल में 453 गायों की मौत के बाद अब निगम अधिकारी गौशाला की स्थिति सुधारने के प्रयासों में जुट गए हैं। गौशाला के लिए मास्टर प्लान तैयार होने के बाद एमआईसी ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है, जिसके चलते जल्द ही धरातल पर काम शुरू होंंगे, साथ ही हरिद्वार की श्रीकृष्णायन गौशाला के संतों से अनुबंध कर उसका संचालन उन्हें सौंपा जाएगा। नगर निगम द्वारा संचालित गौशाला कीस्थिति को बेहतर बनाने के लिए निगमायुक्त ने सात बिंदुओं का एक प्रस्ताव एमआईसी को पेश किया था, जिसमें गौशाला को आत्म निर्भर बनाने सहित अन्य बातों का उल्लेख है।उल्लेखनीय है कि साधु-संतों के लाख प्रयास के बाद भी निगम के अधिकारी वठेकेदार गौशाल की दशा को सुधार नहीं पा रहे हैं, लेकिन अब साधु-संतों कोअधिकारिक रूप से गौशाला का संचालन करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शर्तों के साथ तैयार होने वाले अनुबंध में साधु-संतों को कार्रवाई का अधिकार भी मिल जाएगा। अगर अधिकारी या ठेकेदार सही काम नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ साधु-संत कार्रवाई की अनुशंसा कर सकेंगे, जिसके आधार पर निगमायुक्त दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे। वहीं मास्टर प्लान के साथ ही संतों द्वारा दिया गया एक प्रस्ताव भी निगमायुक्त के पास पहुंच गया है।इस प्रस्ताव के आधार पर ही अनुबंध तैयार किया जाएगा।

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