हत्‍या के आरोपी को अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा

भोपाल, अपर सत्र न्‍यायालय बैरसिया तृप्ति शर्मा के न्‍यायालय ने हत्‍या के आरोपी सैयद जुनेद अली को धारा 302 में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास, धारा 25(1-ख) क में 2 साल एवं धारा 27(1) आर्म्‍स एक्‍ट में 5 साल का सश्रम कारावास तथा 1 लाख 5 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किये जाने ओर अपनी लाईसेंसी बंदूक आरोपी को देने के लिये सैयद निसार अली को धारा 30 आयुध अधिनियम में 6 माह के सश्रम कारावास एवं 2 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किये जाने का फैसला सुनाया है। वही साक्ष्‍य के अभाव में आरोपी अनस खान को अदालत ने दोषमुक्‍त किया है। मामले मे शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक आशीष तिवारी द्वारा कि गई। मामले की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक आशीष तिवारी ने बताया कि पुलिस को खबर देने वाले मंगलेश द्वारा 4 नंवबर 2014 को शाम करीब साढे चार बजे पुलिस थाना बैरसिया में अल्‍टो कार में जगदीश गुर्जर की लाश सहित जगमोहन गुर्जर के साथ आकर सूचना दी गई कि जगमोहन एवं जगदीश गुर्जर के साथ नरसिंहगढ गये थे, वहां से लौटते समय रूनाडा रोड पर जेन गाडी उनके आगे पीछे चल रही थी। करीब 4 बजकर 40 मिनट पर भोजपुरा रोड पर उसने अपनी गाडी अल्‍टो के आगे निकाल ली तब मारूति जेन नंबर एम.पी.09 एच.ई. 1429 से फायर हुआ, जिससे निकली गोली पीछे की सीट पर बैठे जगदीश गुर्जर को जा लगी। फायर करने के बाद मारू‍ति जेन गाडी उनकी गाडी से आगे निकल गई। सूचना देने वाले ने पुलिस को यह भी बताया कि गाडी के बायी साइड वाली सीट पर बैठा हुआ व्‍यक्ति बंदूक लिए हुआ था, जो बंदूक को गाडी के अंदर कर रहा था। उसने अपनी गाडी के पीछे की सीट पर देखा तो जगदीश को गोली लगी थी। मारूति जेन क्रमांक एम.पी.09 एच.ई.1429 में बैठे लोगो ने ही बंदूक से गोली चलाई थी। जो जगदीश गुर्जर को लगी और उसकी हत्‍या हो गई। मारूति जेन की खिडकी में काला शीशा लगा था इसलिये उसमें बैठे व्‍यक्तियों को वो देख नहीं पाया। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मारूति जेन नंबर एम.पी.09 एच.ई.1429 गाडी में बैठे अज्ञात आरोपियो के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर पडताल शुरु की। छानबीन के दौरान मारूति जेन वाले आरोपी अनस खान को हिरासत में लेकर गाडी जप्‍त कर पूछताछ पर उसने सैयद जुनैद अली एवं सैयद निसार अली के बारे में जानकारी दी। निसार अली से उसकी बारह बोर की लाईसेंसी गन जप्‍त की गई वहीं आरोपियो को गिरफ्तार किया गया था। जॉच पूरी होने पर अभियोग पत्र न्‍यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया है।

 

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