कोरोना वायरस की वजह से मप्र की जेलों से पैरोल पर छोड़े जाएंगे 10,000 कैदी

भोपाल,कोरोना वायरस का असर मप्र की जेलों पर भी दिखने लगा है। जेल मुख्यालय ने इस महाबीमारी से निपटने के लिए जेलों में बंद ज्यादा से ज्यादा कैदियों को पैरोल पर छोडऩे का फैसला लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की जेलों से करीब 10,000 कैदियों को छोडऩे की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में सभी जेल अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
जेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की जेलों में 30,000 कैदियों को रखने की व्यवस्था है। वर्तमान समय में जेलों में 45,000 से अधिक कैदी हैं। ऐसे में सरकार कम से कम 10,000 कैदियों को पैरोल पर छोडऩे का विचार कर रही है। यह सब कोरोना वायरस को कम्युनिटी में फैलने से रोकने के लिए किया जा रहा है।
जेलों को 12 निर्देश जारी किए गए
जेल मुख्यालय ने प्रदेश की सभी जेलों को 12 निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का पालन भी शुरू हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण आदेश कैदियों को अधिक से अधिक संख्या में पैरोल पर छोडऩे का है। प्रदेश की ज्यादातर जेलों के अंदर क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं। ऐसे में अच्छे आचरण वाले कैदियों को कुछ समय के लिए पैरोल पर छोड़ा जा रहा है। यह इसलिए किया जा रहा है कि जेलों में भीड़ न रहे। मुख्यालय के आदेश के बाद जेल अधीक्षकों ने ऐसे कैदियों की सूची तैयार कर ली है।
सभी जेलों में बन रहे हैं आइसोलेशन वार्ड
जेल मुख्यालय ने कई दूसरे निर्देश भी जेलों के लिए दिए हैं। जेल के गेट पर साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था, बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग बंद करने, नए और पैरोल से आने वाले कैदियों की स्क्रीनिंग के लिए कहा गया है। सभी जेलों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। ताकि जरूरत पढऩे पर कैदियों को भर्ती किया जा सके। मुख्यालय ने सभी जेल अधीक्षकों से यह भी कहा है कि सर्किल जेलों में ज्यादा से ज्यादा मास्क बनाए जाएं। सर्किल जेल की तरफ से इन मास्क को दूसरी जेलों तक पहुंचाया जाए। साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि जेलों की बैरक से बाहर कम से कम कैदियों को निकाला जाए। कोशिश रहे की कैदी अपनी बैरक में ही रहें। जेल के अंदर भी कोशिश रहे कि कम ही कर्मचारी अंदर और बाहर आएं-जाएं।

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