नई दिल्ली, विशेषज्ञों की माने तो पुरुष अगर नियमित रूप से योग करते हैं तो उनकी पत्नियों को बार-बार होने वाले गर्भपात की दिक्कत में कमी आ सकती है क्योंकि इससे शुक्राणु डीएनए की गुणवत्ता में सुधार होता है। एम्स के शरीर रचना विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के साथ मिलकर यह शोध किया है। एक विशेषज्ञ प्रफेसर का कहना है कि अध्ययन के दौरान ऐसे दंपतियों में से 60 पुरुषों को रोजाना योग कराया गया गया जिनकी पत्नियों का बार-बार गर्भपात हुआ। अध्ययन में कहा कि इन पुरुषों ने अध्ययन में भाग लेने से पहले कभी योग नहीं किया था। उन्हें 90 दिन तक रोज योग कराया गया जिसका फायदा हुआ। इन पुरुषों को सेमिनल ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और शुक्राणु डीएनए को नुकसान पहुंचा था जिससे निषेचन के बाद भ्रूण का सामान्य विकास नहीं हो पाता और इसके परिणामस्वरूप गर्भपात हो जाता है। अध्ययन में यह भी साबित हुआ है कि धूम्रपान करना, मद्यपान, फास्ट फूड खाना और पौष्टिक भोजन की कमी, एक जगह बैठे रहने वाली जीवनशैली, मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल, अत्यधिक मनोवैज्ञानिक तनाव और मोटापा जैसी अस्वास्थ्यकर सामाजिक आदतें ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और डीएनए को नुकसान पहुंचाती हैं। इन बुरी आदतों को लोगों के सैक्स जीवन पर गलत प्रभाव पडता है।
योग का नियमित अभ्यास करने से नहीं रहती है गर्भपात की समस्या