UP का कार्यकर्त्ता सीधे प्रियंका से करेगा बात, फोन नंबर दिया और कहा दिक्कत हो तो सीधे फोन करना

लखनऊ, कांग्रेस संगठन की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए लगातार बैठकें कर रहीं पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा ने कार्यकर्ताओं के मन की बात जानने की कोशिश की। उन्होंने उनसे गुटबाजी छोड़ कर सत्तारूढ़ भाजपा की खराब नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर संघर्ष करने का आह्वान किया। पूर्वी उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका ने अपने जिम्मे वाले लोकसभा क्षेत्रों की बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वह जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। प्रियंका से मुलाकात के लिए अम्बेडकर नगर से आए उत्तर प्रदेश कांग्रेस सचिव अजय सिंह ने बताया कि प्रियंका ने एक-एक कर पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर पार्टी को मजबूत करने के लिए उनसे सुझाव लिए।
उन्होंने बताया प्रियंका ने कहा पार्टी कार्यकर्ता गुटबाजी से दूर रहें और भाजपा की खराब नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर संघर्ष करें। कार्यकर्ता काम करें और कोई समस्या हो तो लिखित में शिकायत करें। प्रियंका ने एक फोन नम्बर भी दिया है। जिस पर कार्यकर्ता कोई दिक्कत होने पर फोन कर सकते हैं। प्रियंका ने कहा कि इन बैठकों में जो कार्यकर्ता उनसे मुलाकात नहीं कर पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है और वह जिलों के कार्यक्रमों के दौरान घर-घर जाकर उनसे मिलेंगी। इससे पहले, प्रियंका ने अपने भाई पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी की भी समीक्षा की।
प्रियंका से मुलाकात करने वालों में शामिल यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने बताया कांग्रेस महासचिव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग नौजवानों, बुजुर्गों, महिलाओं समेत समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलें। अब मैं आई हूं न। मैं सबको एक साथ देखना चाहती हूं। सभी लोग 2019 के लिए तैयार रहिए। उन्होंने कहा प्रियंका से जब कहा गया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग अमेठी के गांव-गांव जाकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा मैं हूं न, आप लोग तटस्थ रहिए, अब कोई गुमराह नहीं कर पाएगा। अब मैं देखूंगी।
इस बीच, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी संगठन की नब्ज टटोलने की कोशिश की। सिंधिया से मुलाकात करने वाले आगरा के अवधेश त्रिपाठी ने बताया कि कांग्रेस महासचिव ने वर्ष 2014 की पराजय के कारणों, संगठन में सुधार के उपायों और आगामी चुनाव के प्रत्याशियों की योग्यता आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की।

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