लखनऊ,उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए गुरुवार को उसे जमकर खरी-खरी सुनायी। उन्होंने कहा है कि विपक्ष की षडयंत्र करने की मानसिकता अभी गई नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी यह मानसिकता जाने में कई जन्म लगेगा लेकिन फिर भी यह जायेगी नहीं। उन्होंने अपनी सरकार को किसान हितैषी करार देते हुए कहा कि कटे, फटे और सड़े आलू राजभवन के सामने सड़कों पर बिखरा कर पता नहीं क्या साबित करना चाहते थे। पूर्ववर्ती सरकारों को तो कई आवष्यक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की फुर्सत ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में जाति, धर्म, पंथ, भाषा और क्षेत्र विषेष के नाम पर भेदभाव किया गया। यह लोकतंत्र के लिए विष्वासघात है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की सख्ती के कारण सूबे में अपराधों पर नियंत्रण लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट के जरिए आमजन के जीवन में खुषहाली लाने प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उप्र बदल रहा है और इसे लेकर जो धारणा थी वह भी बदल रही है। विकास दिख रहा है और उप्र समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। अनुपूरक बजट के बाद अब सरकार फरवरी में अगले वित्तीय वर्ष का पूर्ण बजट लायेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को विधानसभा मंे पेष किए गए अनुपूरक बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रदेष सरकार को राज्य की 23 करोड़ जनता की सेवा करते पौने दो साल का समय बीता है। इस दौरान सरकार ने बिना किसी भेदभाव के कार्य किया है। सभी मंत्रालयों ने कार्य करके आमजन से जुड़ी समस्याओं और अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए त्वरित गति से काम किया है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिषन के तहत उप्र ने बड़ी छलांग लगाते हुए दो करोड़ 49 लाख परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराया है। जल्द ही 44 लाख और भी इस योजना से आच्छादित किया जायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना को उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 में सूबे में एक भी आवास नहीं बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या तब सूबे में गरीब नहीं थे। लेकिन वहीं अब तक 8 लाख 81 लाख ग्रामीण आवास बनाये जा चुके हैं तथा एक लाख और जल्द तैयार कर देंगे। यह सभी आवास दलितों और वंचितों के लिए बनाये गए हैं। उन्होंने कहा कि पौने दो साल के कार्यकाल में एक लाख 12 हजार मजरों का विद्युतीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से उप्र देष में निवेष का सबसे बेहतर केन्द्र बना है। सरकार को किसान हितैषी करार देते हुए कहा कि अब तक 44 हजार करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है।
अगले साल प्रयागराज में होने वाले कुम्भ की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि कुम्भ अलौकिक, भव्य और दिव्य हो। इसके लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गयी है। कुम्भ को यूनेस्को ने भी मान्यता दी है और अभी 70 देषों के राजदूतों ने प्रयागराज का दौरा भी किया है। उन्होंने बताया कि कुम्भ में आने का न्यौता देने प्रदेष के मंत्री विभिन्न राज्यों में जायेंगे और सभी को आमंत्रित करेंगे। कुम्भ के दौरान 450 सालों के बाद पहली बार अक्षय वट और सरस्वती कूप का दर्षन श्रद्धालु कर सकंेगे। उन्होंने सूबे की कानून-व्यवस्था को बेहतर करार देते हुए कहा कि संगठित अपराध हों या अन्य प्रकार के अपराध सभी पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। सरकार विषेषकर महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को लेकर पूरी तरह संवेदनषील है। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि साल 2017 के मुकाबले 2018 में लूट के प्रकरणों में 21.48 फीसद, हत्या में 6.26, बलवा में 3.76, गृहभेदन में 10.57, फिरौती में 30.23, बलात्कार में 8.12 तथा दहेज हत्या में 3.32 फीसदी की कमी आयी है। इस प्रकार सभी प्रकार के अपराधों में साल 2017 के मुकाबले 42.31 प्रतिषत की कमी हुई है।
उन्होंने कहा कि 4 लाख 28 हजार करोड़ का पहले हमने बजट दिया था। उसके बाद 45 हजार करोड़ का पहला अनपुरक बजट था। आज हमारा 8 लाख 54 हजार करोड़ का बजट है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक हमारी सरकार और विभाग ने एक बड़ी राशि खर्च कर ली है। इस दौरान प्रदेश ने राजस्व अर्जित भी किया है। खनन, आबकारी, कई विभागों से बड़ा राजस्व आया है। हमने मंडी समिति के लिए भी बड़े काम किये है। 218 करोड़ की अतिरिक्त आय विभाग ने अर्जित की है। उन्होंने कहा कि यह महज संयोग है कि जब सरकार ने चार लाख 28 हजार करोड़ का बजट पेष किया तो इतने का ही निवेष उप्र में आया। सरकार अब तक चार लाख 71 हजार करोड़ का बजट ला चुकी है और इतने का ही निवेष भी प्रदेष में आया है।
विपक्ष की षडयंत्र करने की मानसिकता अभी गई नहीं-योगी