बिलासपुर, सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर एस के अवधिया और वर्तमान चीफ इंजीनियर वी के श्रीवास्तव समेत चार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। इन सभी पर चांटापारा एनीकट के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप है। करोड़ों की एनीकट पहली बारिश ही बारिश में बह गया था। बेलगहना के चांटापारा में बनाए गए एनीकट में विभाग के इंजीनियरों और ठेकेदारों ने मिलकर ड्राइंग और डिजाईन ही बदल दिया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एनीकट डीफ्रेम वाल ही नहीं बनाई गई। इसका नतीजा ये हुआ कि पहली बारिश में एनीकट बह गया। एनीकट बहने की जानकारी आला अधिकारी को हुई तो एक जांच दल गठित कर दिया।
जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि अधिकारियों ठेकेदारों को जमकर लाभ पहुंचाया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन गिरिश कतलानी एवं इंजीनियर कमलेश सिंह और एल पी चंद्रा को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन वी के श्रीवास्तव अपनी पहुंच के चलते बच गए थे। यही नहीं अपने चहेतों को भी बचा लिया था। लेकिन पिछले दिनों अचानक जांच रिपोट्र के आधार पर ईओडब्ल्यू ने सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर विजय कुमार श्रीवास्तव पूर्व चीफ इंजीनियर एस के अवधिया कार्यपालन अभियंता आर एस नायडू और एसडीओ इम्तियाज अली के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम १९८८ की धारा १३ डी १३-२ के अलावा १२० बी ४६७, ४६८, ४७१, ४६२ के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
विधानसभा में भी उठा था मामला
चांटापारा एनीकट निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में भी उठा था तब विभागीय अधिकारियों ने मंत्री के माध्यम से जवाब दिया था कि एनीकट के निर्माण में किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। प्राकृतिक आपदा से एनीकट बहने का मुख्य कारण बताया गया था। अधिकारियों ने बताया था कि जापान में आए सुनामी के कारण हुई भारी बारिश के कारण एनीकट बहा है।
एक की हो चुकी सेवानिवृत्ति
विजय कुमार श्रीवास्तव वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग एस के अवधिया मुख्य कार्यपालन अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग सेवानिवृत्त आर एस नायडू कार्यपालन अभियंता कोटा जल संसाधन विभाग बिलासपुर में पदस्थ है।
चांटापारा एनीकट निर्माण मेंं भ्रष्टाचार,पूर्व चीफ इंजीनियर सहित चार पर मामला दर्ज