देश की पहली महिला जासूस रजनी पंडित गिरफ्तार, 8 फरवरी तक पुलिस हिरासत में

ठाणे,ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भारत की पहली महिला जासूस के नाम से जानी जाने वाली रजनी पंडित को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही इस मामले में दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जिनके नाम संतोष पंडा केले और प्रशांत सोनवणे बताया गया है. रजनी पर गैरकानूनी तरीके से कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) हासिल करने का आरोप है. कोर्ट ने 8 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है. रजनी उस चार लोगों के समूह का हिस्सा बताई जा रही हैं जो कि देश भर में अवैध रूप से सोर्सिंग और सीडीआर बेच रहा था. बताया जा रहा है कि 54 वर्षीय रजनी एक पुलिस अधिकारी की बेटी हैं. रजनी ने मुंबई में मराठी लिटरेचर की पढ़ाई की है. रजनी 1991 से ही जासूसी का काम कर रही हैं. रजनी की टीम में 20 लोग बताए जाते हैं, एक दावे के मुताबिक वो अभी तक 75 हजार केस सुलझा चुकी हैं, जिसके लिए उन्हें 57 अवार्ड भी मिल चुके हैं. पुलिस सूत्रों ने बताया कि पहले समरेश झा नाम के एक जासूस को गिरफ्तार किया गया था और उससे जानकारी मिलने के बाद रजनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. समरेश ने ही पुलिस को बताया कि रजनी गैरकानूनी तरीके से लोगों की कॉल डीटेल्स रिकॉर्ड करके बेचने का बिजनेस कर रही है. पुलिस के मुताबिक इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि रजनी ने करीब 5 लोगों के सीडीआर मांगे और खरीदे थे. बताया गया है कि पकड़े गए लोग सीडीआर को 10 से 15 हजार रूपये में बेचते थे सीडीआर को निजी व्यक्तियों और इंश्योरेंस कंपनियों को बेचा जा रहा था. ठाणे के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के मुताबिक, ‘रजनी पंडित की भूमिका इस रैकेट में स्पष्ट रूप से सामने आई है. जो लोग घोटाले में शामिल हैं, देश के किसी भी कोने में छिपे हों बख्शे नहीं जाएंगे.’ वहीं पुलिस ने दो अन्य जासूसों संतोष पंडगले (34) और प्रशांत सोनावाणे (34) को भी नवी मुंबई से गिरफ्तार किया है. ये दोनों भी रजनी के साथ मिलकर कॉल डीटेल्स बेचने का काम कर रहे थे. छानबीन में दिल्ली के भी 4 लोगों का नाम सामने आया है और उसके खिलाफ भी जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *