मुंबईवासियों पर नहीं बढ़ेगा टैक्स का बोझ, अस्पतालों में उपचार होगा महंगा,पहली बार खुलेंगी ई-लाइब्रेरी

मुंबई,देश की की सबसे अमीर महानगरपालिका कही जाने वाली मुंबई महानगरपालिका ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2018-2019 का बजट स्थाई समिति के अध्यक्ष रमेश कोरगावकर को पेश किया है. मुंबईकरों के लिए खुशखबरी है कि मनपा आयुक्त अजय मेहता ने मुंबईवासियों पर टैक्स का बोझ नहीं बढ़ाया है लेकिन अस्पतालों में इलाज करवाना महंगा हो जाएगा. इस साल मनपा ने कुल 27,258 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. जो, कि पिछले साल से 8.42 फीसदी ज्यादा है. मालूम हो कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बीएमसी का बजट 25,141 करोड़ रुपए का था. जबकि उसके पिछले साल यह बजट इससे भी बड़ा 37,052 करोड़ रुपए का था. इस बार इससे भी बड़े बजट की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि शहर में विकास के नाम पर काफी-कुछ किए जाने की मांग है.बता दें कि यह बजट महाराष्ट्र के लिए काफी अहम है, क्योंकि मुंबई के विकास का संदेश न सिर्फ महाराष्ट्र की पूरी राजनीति को प्रभावित करता है, बल्कि देश के अन्य चुनिंदा शहरों के लिए भी एक मिसाल बनता है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का सालाना बजट भारत के कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी ज्यादा माना जाता है.
बजट की महत्वपूर्ण बातों पर एक नजर…
– इस साल बीएमसी ने कुल 27,258 करोड़ रुपये का बजट पेश किया.
– यह बजट पिछले साल से 8.42 फीसदी ज्यादा है.
– टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई.
– बीएमसी ने सरकारी हॉस्पिटल्स में दवा और मेडिकल उपकरण के लिए 61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया.
एजुकेशन के लिए 2569.35 करोड़ रुपये का आवंटन
– कोस्टल रोड के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान
– शहर में एलईडी लाइट लगवाने के लिए 28 करोड़ रुपये का प्रावधान
– गोरेगाव मुलुंड लिंक रोड के लिए 100 करोड़ रुपये
– सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए कुल 2058 करोड़ रुपये
– दमकल विभाग के कंट्रोल रूम के लिए 180 करोड़ प्रस्तावित.
– दमकल विभाग का आधुनिकीकरण और नए उपकरणों की खरीदी पर खर्च किये जायेंगे.
– डिसास्टर मैनेजमेंट के लिए 11 करोड़ के लगभग खर्च किए जाएंगे
– मुंबई में पहली बार ई-लाइब्रेरी खुलेंगी, इस पर बीएमसी एक करोड़ रुपये खर्च करेगा.
– जीएसटी के बाद यह बीएमसी का पहला बजट है.

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