पूर्व विधायक के बेटे की गोली मारकर हत्या,दोस्त ने ही कराई थी हत्या

लखनऊ,राजधानी लखनऊ में विधानसभा भवन से चंद कदमों की दूरी पर पूर्व विधायक के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन अभय प्रसाद ने बताया कि डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी (36) की हजरतगंज चौराहे के नजदीक कसमंडा हाउस परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वैभव को कुछ लोगों ने कसमंडा हाउस स्थित उनके आवास से नीचे बुलाया और उनके बीच बातचीत के दौरान विवाद हो गया और उन्हें गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। बता दें कि यह घटना जिस जगह हुई, वह विधानसभा भवन से तकरीबन तीन सौ मीटर की दूरी पर ही स्थित है और इस समय विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
पूर्व विधायक के बेटे की ….
पूर्व भाजपा विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी की हत्या करने वालों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से हत्यारों की पहचान करने के बाद उनकी तलाश में कई जगह छापेमारी की है।
डुमरिया गंज के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के 28 वर्षीय बेटे की हत्या के पीछे पुलिस आपसी लेनदेन और रंजिश का मामला मानकर चल रही है। जानकारी के मुताबिक हत्यारे वैभव के परिचित थे। वैभव भाजपा नेता जिप्पी तिवारी का इकलौती संतान था। वैभव को गोली मारने वाला विक्रम सिंह हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने बताया कि वैभव की हत्या में विक्रम सिंह के अलावा वैभव के दोस्त और प्रॉपर्टी डीलर सूरज का भी हाथ है।
वैभव ने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की शिक्षा हासिल की थी और प्रॉपर्टी डीलर का बिजनेस करने लगा था। आरोपी सूरज, वैभव का पुराना दोस्त और प्रॉपर्टी डीलर के बिजनेस में भागीदार था। हालांकि तीन साल पहले दोनों ने अपने बिजनेस अलग कर लिए थे। दरअसल जिस वक्त वारदात हुई उससे थोड़ा ही पहले वैभव अपने एक रिश्तेदार आदित्य के साथ कसमंडा हाउस के बाहर टहल रहा था। घटना से कुछ समय पहले वैभव के पास सूरज का फोन आया कि वह कुछ बात करना चाहता है, जिसके लिए उसने वैभव को हजरतगंज बुलाया। लेकिन वैभव हजरतगंज नहीं गया।
इस बीच आदित्य घर में चला गया। थोड़ी देर बाद जब आदित्य बाहर निकला तो उसने देखा कि सूरज आया हुआ है और वैभव से बहस कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, सूरज और वैभव के बीच बिजनेस को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच वहीं मौजूद विक्रम ने पिस्टल निकाल कर वैभव को गोली मार दी। आनन-फानन में वैभव को राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वैभव डुमरियागंज के दमनापुर का प्रधान भी रह चुका था।
लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अभय प्रसाद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पता लगा है कि वैभव को कुछ लोगों ने कसमंडा हाउस स्थित उनके आवास से नीचे बुलाया। वैभव नीचे आया तो उनके बीच बातचीत के दौरान विवाद हो गया और उन्हें गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। मालूम हो कि यह घटना जिस जगह हुई वह विधान भवन से महज 200 मीटर की दूरी पर ही स्थित है और इस समय विधानमंडल का शीत सत्र चल रहा है। पूरा इलाका चूंकि सीसीटीवी से लैस था, इसलिए वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान में खास दिक्कत नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *