मप्र में पौने 2 लाख गरीब छात्रों को मिला बड़े स्कूलों में प्रवेश

भोपाल,मध्यप्रदेश में आरटीई के तहत 1 लाख 72 हजार से ज्यादा गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। स्कूली शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने गुरूवार को बटन दबाकर बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया। योजना के तहत 1 लाख 99 हजार 741 बच्चों के अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 1 लाख 72 हजार 446 बच्चों का चयन किया गया, जिन्हें निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। योजना के तहत इन बच्चों से स्कूल फीस नहीं वसूलते हैं। इनका खर्च सरकार उठाती है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को हर साल निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। गुरूवार सुबह 9 बजे शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन लॉटरी भी खोल दी और एक घंटे बाद पालकों को उनके मोबाइल पर एसएमएस भी प्राप्त होना शुरू हुए। सत्र 2021-22 की पहली कक्षा में गरीब बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिए 9 जुलाई तक आवेदन बुलाए गए थे। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र धनराजू एस. के मुताबिक नि:शुल्क प्रवेश की गतिविधियों के लिए समय सारणी जारी करते हुए पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन और त्रुटि सुधार के लिए विकल्प की समयसीमा तय की गई थी। उसके पश्चात पोर्टल से पावती डाउनलोड कर मूल दस्तावेजों से सत्यापन केन्द्रों में अधिकारियों से सत्यापन करवाने की समयसीमा भी तय थी।
2 लाख लोगों ने फॉर्म भरे
इस साल प्रदेश भर से 1 लाख 99 हजार 741 बच्चों के पालकों ने प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। इसमें से दस्तावेज सत्यापन होने के बाद करीब 28 हजार बच्चों के फॉर्म रिजेक्ट हो गए। लाटरी के माध्यम से नि:शुल्क प्रवेश के लिए 1 लाख 72 हजार 440 बच्चे को स्कूलों में प्रवेश दिया जा रहा है। इन सभी बच्चों को ऑनलाइन लाटरी में वरीयता के अनुसार अपनी पसंद के स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त हो सकेगा। हालांकि निजी स्कूल संचालकों की शिकायत है कि करोड़ों रुपए की राशि शासन पर बकाया है, जो अभी तक आवंटित नहीं की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *