भोपाल, प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल मंगुभाई पटेल के शपथ ग्रहण समारोह से पहले राजभवन के सभागार का एयर कंडीशनर एसी और लिफ्ट खराब हो गए। इस मामले में दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया। राजभवन का काम देखते वाले अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) दिनेश कुशवाहा और उपयंत्री हेमंत झारिया को लापरवाही में प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। उल्लेखनीय है कि लिफ्ट खराब होने की वजह से राज्यपाल को सभागार के प्रथम तल पर सीढ़ियों से जाना पड़ा था। राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के पहले जब तैयारियों का जायजा लिया जा रहा था, तब लोक निर्माण विभाग को पता चला था कि एयर कंडीशनर खराब है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार ने एसी के बावजूद गर्मी लगने की बात लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई को बताई थी। उन्होंने प्रमुख अभियंता अखिलेश अग्रवाल को मामला देखने के निर्देश दिए थे। अग्रवाल ने जब पड़ताल की तो पता लगा कि एसी बंद हैं और लिफ्ट भी काम नहीं कर रही हैं। इस पर उन्होंने दोनों जिम्मेदार इंजीनियर दिनेश कुशवाहा और मनोज झारिया को फटकार लगाई तथा आनन-फानन में एयर कंडीशनर सुधरवाकर चालू कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दिनेश कुशवाहा की जगह कृतिका पटवा को उपसंभाग एमवन (राजभवन इसमें ही आता है) में पदस्थ किया है। वहीं, निकिता त्रिवेदी को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) गैस राहत उपसंभाग में पदस्थ किया है। झारिया गैर राहत उपसंभाग के एसडीओ के अतिरिक्त प्रभार में थे।प्रमुख अभियंता ने बताया कि यह मामला सीधे-सीधे लापरवाही का है। एसडीओ और उपयंत्री, दोनों की जिम्मेदारी थी कि राजभवन से जुड़े रखरखाव के काम की नियमित तौर पर निगरानी करें, मगर कोताही बरती गई। जबकि, शपथ समारोह के कार्यक्रम की जानकारी तीन दिन पहले मिल गई थी। इसके बाद भी गंभीरता नहीं दिखाना कार्य के प्रति लापरवाही जताता है। इसके मद्देनजर दोनों को निलंबित कर दिया है।
शपथ ग्रहण से पहले राजभवन का एसी व लिफ्ट खराब होने पर एसडीओ व उपयंत्री निलंबित