नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र जारी है। आज भी किसान आंदोलन का लेकर हो हल्ला जारी है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा कि हमें उपदेश देने की जरूरत नहीं है। डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा, ‘हमें उपदेश कर रहे थे कि निंदकाचे घर असावे शेजारी। अरे भैया, 15-20 साल तो हमने निंदक को ही साथ में रखा था और उसके आधार पर ही पड़ोसी का धर्म निभाया था। आपने अंदर झांककर देखना चाहिए कि आपने दोस्ती-मोहब्बत एक से की और घर बसाने की बात आई तो दूसरे के साथ घर बसा रहे हैं। तो हमें उपदेश देने की जरूरत नहीं है।”
दरअसल शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत जब बोलने खड़े हुए तो उन्होंने सभापति वेंकैया नायडू से कहा कि ‘सर 15 घंटे में हमें 15 मिनट तो दीजिए।’ इसपर नायडू ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। जब राउत ने कहा कि फिर ये 15 घंटे किसके लिए हैं तो सभापति ने कहा कि इसी तर्क-वितर्क में आधा मिनट खो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मेरे हाथ में है तो मैं जरूर दूंगा।’ इसपर राउत ने तपाक से कहा, ‘सर, आपके हाथ में बहुत कुछ है।’ जब सभापति कहने लगे ‘नो आर्ग्युमेंट’ तो राउत ने कहा कि ‘आप चेयर पर बैठते हैं तो हमें डर लगता है।’ संजय राउत ने तंजभरे लहजे में कहा कि पंतप्रधान मोदी हमारे लिए आदरणीय हैं। उन्हें देश चलाने के लिए प्रचंड बहुमत मिला है, हम ये मानते हैं। लेकिन बहुमत बड़ा चंचल होता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश चल रही है, देश की प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है। 26 जनवरी को लाल किले पर अपमान हुआ, उससे हमारे प्रधानमंत्री बहुत दुखी हो गए। लेकिन लाल किले पर तिरंगे का अपमान करने वाला कोई दीप सिद्धू है, उसके बारे में आप नहीं बताते।
सहस्त्रबुद्धे का शिवसेना पर तंज हमें उपदेश देने की जरूरत नहीं, दोस्ती हमसे, घर बसाया किसी दूसरे संग