रातापानी में बाघ का कुनबा बढ़ा, अब उसे टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी

भोपाल, रातापानी अभयारण्य में बाघों की बढ़ती संख्या और उनकी सुरक्षा के साथ भोजन की व्यवस्था के लिए वन विभाग 13 ग्रास लैंड तैयार कर रहा है। 764 वर्ग किमी में से 235 हेक्टेयर में 13 स्थान पर इनकी तैयारी की गई है। निगरानी के लिए 15 वॉच टॉवर भी बनेंगे। रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश स्तर से सारी औपचारिकताएं पूरी कर केंद्र को भेज दी गई हैं।
शाकाहारी जानवरों को मिलेगा भोजन
अभयारण्य में ग्रास लैंड बनने से शाकाहारी जानवरों को भोजन की व्यवस्था होगी, जिससे उनकी संख्या बढ़ेगी। छोटे-बड़े सभी जानवर बाघों के लिए भोजन की व्यवस्था होंगे। बाघ बाहर नहीं जाएंगे और हादसों का शिकार नहीं होंगे।
मॉनीटिरिंग नेशनल पार्क की तरह
डीएफओ विजय कुमार ने बताया कि अभयारण्य में जानवरों की मॉनीटरिंग नेशनल पार्क की तरह की जा रही है। टाइगर प्रोजेक्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू होते ही गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। एक गांव दांत खो का विस्थापन हो चुका है।

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