ब्रिटेन से आया कोरोना का नया वायरस तेजी से बढ़ा रहा संक्रमण, संक्रमितों की संख्या 20 पहुंची

नई दिल्ली,ब्रिटेन से भारत पहुंचा कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अब तेजी से पांव पसार रहा है। नए कोरोना वायरस से 14 और संक्रमित मिले हैं, जिससे देश में इसके मरीजों की संख्या 20 पहुंच गई है। ये सभी ब्रिटेन से भारत लौटे हैं। नए स्ट्रेन के सबसे अधिक मामले दिल्ली में मिले हैं। एनसीडीसी दिल्ली लैब में 14 सैंपल में से 8 नए स्ट्रेन से पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, बेंगलुरु लैब में इसके संक्रमितों की संख्या 7 पाई गई है। कोलकाता, पुणे, हैदराबाद में भी कोरोना के नए प्रकार के 2 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में एक सैंपल पॉजिटिव पाया गया है। कुल मिलाकर देश के 10 लैब में 107 सैंपलों की जांच की गई है और इनमें से 20 कोरोना वायरस के नए प्रकार से पॉजिटिव पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस वायरस से संक्रमितों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है।
गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया था कि बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल (निमहांस) में जांच के लिए आए तीन नमूनों, हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में दो नमूनों और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में एक नमूने में वायरस का नया स्वरूप पाया गया। मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अलग पृथक-वास कक्षों में रखा है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी पृथक-वास में रखा गया है।
कोविड के नए स्वरूप को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं
वैज्ञानिकों ने कहा कि ब्रिटेन से आए लोगों में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप पर काबू के लिए मास्क, सैनेटाइजर, सामाजिक दूरी जैसे मानक बचाव तंत्र प्रभावी होंगे। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि नए स्वरूप को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है तथा यह नैदानिक रूप से अधिक गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, सतर्क रहना और अच्छी आदतों का पालन करना (नए स्वरूप के संदर्भ में) पर्याप्त होना चाहिए। सीएसआईआर-आईआईसीबी कोलकाता की वरिष्ठ वैज्ञानिक रे ने कहा कि यात्रा पर प्रतिबंध पहले ही सुझाया जा चुका है और ब्रिटेन से आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए परीक्षण की सिफारिश की गई है। रे ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण कदम मास्क का उपयोग सहित अन्य बुनियादी सावधानियों को लागू करना है। सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा कि इसका अब तक पता नहीं चल पाया है कि नए प्रकार से बीमारी की गंभीरता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वर्तमान टीका वायरस के नए स्वरूप से बचाव में नाकाम रहेगा।

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