भय-भ्रम की राजनीति करने वाले बताएं, किसानों को अधिकार मिले या नहीं – विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने आज कहा कि ऐसे लोग किसान आंदोलन की तरफदारी कर रहे हैं, जो कर्जमाफी का झूठा वादा करके किसानों को धोखा देते हैं। भय और भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक एजेंडा चलाने वाले इन लोगों से मैं पूछना चाहता हूं कि देश के किसानों को अपनी उपज का दाम तय करने का अधिकार होना चाहिए या नहीं? उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार बाजार तलाशने का अधिकार होना चाहिए या नहीं? दलाली खत्म होना चाहिए या नहीं? मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या किसानों को चुंगी और टैक्स की चक्की में पिसने के लिए छोड़ देना चाहिए? मोदी सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों से अगर किसानों की तकलीफें कम हो रही हैं, तो इन्हें परेशानी क्यों हो रही है?,शर्मा आज मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों को प्रलोभन नहीं देना चाहती, बल्कि उन्हें सशक्त, सक्षम और अधिकार संपन्न बनाना चाहती है। कृषि कानूनों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास किया है और उनकी आय को दोगुना करने के अपने संकल्प की पूर्ति का प्रयास किया है। श्री शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार के कृषि कानून आजादी के बाद किसानों की स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का बड़ा प्रयास है। पहले किसानों को अपनी ही उपज पर निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं था, लेकिन इन कानूनों के लागू होने के बाद अब किसान स्वयं निर्णय लेता है। मोदी सरकार ने उन्हें अपनी इच्छानुसार बाजार और मूल्य और तय करने का अधिकार दिया है। इन कानूनों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने एक राष्ट्र, एक बाजार की संकल्पना को साकार करने का प्रयास किया है। पहले कुछ लोग किसानों की उपज से दलाली खाते थे, वह लाभ अब किसान को मिल सकेगा। श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने इन कानूनों के जरिए किसानों को दलालों के जबड़ों से बाहर निकालने का काम किया है।
शर्मा ने कहा कि किसानों को भ्रमित करने वाले वामपंथी हमेशा देश के खिलाफ सोचते हैं। ये हमेशा यही सोचते हैं कि देश में अस्थिरता कैसे लाएं। अभाव और दुरावस्था इनके एजेंडे में शामिल हैं, ये कभी अच्छे कामों की चर्चा नहीं करते। बस, यही सोचते रहते हैं कि कैसे लोगों को भ्रमित और गुमराह किया जा सकता है। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि देश में अन्य चीजों के उत्पादकों को अपने उत्पाद का मूल्य तय करने का अधिकार रहा, लेकिन किसानों को क्यों नहीं रहा? क्या इन्होंने कभी किसानों के अधिकारों की बात की है।
सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले कुछ भी बोल सकते हैं
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों के लोग एमएसपी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार कई बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि एमएसपी लागू रहेगी। ये भ्रम फैला रहे हैं कि मंडियां खत्म हो जाएंगी, जबकि नए कानूनों में मंडियों के आधुनिकीकरण की बात है। कांट्रेक्ट फॉर्मिंग में किसान पहले ही अपनी उपज की कीमत तय कर सकेगा और कृषि व्यवसाय से अनिश्चितता खत्म होगी। संबंधित कानून में किसान की भूमि से कुछ भी छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा सकते हैं, वो कुछ भी कह सकते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दल भ्रम फैलाकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं, जिन्हें देश के किसान जवाब देंगे और मध्यप्रदेश में यह जवाब दिया भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता देश भर में इन लोगों को जवाब देंगे और इसके लिए 16-16 दिसम्बर को प्रत्येक संभाग केंद्र पर किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

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