मुरैना, यहाँ के कैलारस थाने में सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहित सहारा से जुड़े सात अन्य अधिकारियों पर कंपनी के अभिकर्ताओं ने ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। विष्णु कुमार सिंघल सहित कैलारस के 31 अभिकर्ताओं ने आवेदन देकर शिकायत की थी कि वह पैसा दोगुना करने और अच्छा ब्याज मिलने का विश्वास दिलाकर लोगों से सहारा में पैसा जमा कराते थे। 3500 से ज्यादा निवेशकों के 12 करोड़ रुपये जमा कराए, जिनके मय ब्याज के 28 से 30 करोड़ रुपये वापस होने थे। कंपनी ने किसी का पैसा वापस नहीं किया।
कैलारस थाना प्रभारी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि आवेदन की जांच के बाद सहारा इंडिया के चैयरमेन सुब्रत राय, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर ओपी श्रीवास्तव, कैलारस ब्रांच के प्रबंधक जगदीश प्रसाद गुप्ता, सबलगढ़ ब्रांच के प्रबंधक तोषक अग्रवाल, मुरैना जिले के तत्कालीन प्रबंधक ज्ञानेश शुक्ला, भिंड के रीजनल ऑफिस मैनेजर दिग्विजय सिंह, इंदौर के एरिया मैनेजर देवेंद्र सक्सेना, वाराणसी के एरिया मैनेजर बीके श्रीवास्तव पर कुल 22 करोड़ की धोखाधड़ी और मध्यप्रदेश निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले को लेकर अभिकर्ता हाल ही में जौरा से भाजपा विधायक सूबेदार सिंह के साथ एसपी से मिले थे।
इनका कहना है
सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सेबी को हमारे व निवेशकों के बीच में लिया है। कोर्ट ने हमें 24000 करोड़ सेबी को देने को कहा है, जिसमें से 22,500 करोड़ हम दे चुके हैं। इसके बाद सेबी को निवेशकों को पैसा लौटाना था लेकिन आठ साल में सेबी ने 107 करोड़ रुपये ही निवेशकों को लौटाया है। इसे लेकर हम सेबी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए हैं। चूंकि निवेशकों ने पैसा सहारा को दिया है इसलिए वह पैसे सहारा से मांग रहे है, जबकि यह पैसा सेबी को वापस देना है।
आशीष खरे, प्रवक्ता, सहारा इंडिया
मुरैना के कैलारस थाने में सहारा प्रमुख राय और सात अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज