यूपी में बुजुर्ग माता पिता को परेशान करने पर हो सकता है बच्चों पर केस

लखनऊ, योगी सरकार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावली में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार नियमावली प्रस्ताव भी सरकार तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, नियमावली संशोधन को अगली कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। हालांकि सरकार की ओर कोई जानकारी नहीं मिली है। संशोधन में बेदखली भी जोड़ा जा सकता है। प्रस्तावित संशोधन में बुजुर्ग माता पिता के बच्चों के साथ रिश्तेदारों को भी रखा गया है। इसमें बेटा और रिश्तेदार बुजुर्ग माता-पिता को परेशान करता हैं,तब पीड़ित एसडीएम या प्रधिकरण में केस कर सकते हैं। कार्रवाई के बाद मां-बाप अपने बेटे को संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं। वर्ष 2014 में यूपी में माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावली बनी थी। नियमावली के बाद भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। बुजुर्ग माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों की सम्पति के संरक्षण के लिए कोई भी विस्तृत कार्य योजना नहीं बनाई गई थी।
बता दें कि अभी 24 नवंबर को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 पास कर दिया। इस नए कानून के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बलपूर्वक, झूठ बोलकर, लालच देकर या अन्य किसी कपटपूर्ण तरीके से अथवा विवाह के लिए धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा। ऐसे में अब लव जिहाद करने वालों से योगी सरकार पूरी सख्ती से निपटेगी। महज शादी के लिए अगर लड़की का धर्म बदला गया तो न केवल ऐसी शादी अमान्य घोषित कर दी जाएगी, बल्कि धर्म परिवर्तन कराने वालों को दस साल तक जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।

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