भूकंप की उथलपुथल ने बढ़ा दी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई

काठमांडू,दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट अर्थात कोमोलांगमा (सागरमाथा) की ऊंचाई का ऐलान हो गया है। नेपाल सरकार के अनुसार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई में बढ़ोतरी हुई है। भूकंप के बाद इसकी ऊंचाई 8848 मीटर से बढ़कर 8848.86 मीटर हो गई है। इस तरह से माउंट एवरेस्‍ट की ऊंचाई में 86 सेंटीमीटर की बढ़ोत्‍तरी हुई है। माउंट क़ोमोलांगमा नेपाल और चीन की साझी विरासत है। वर्ष 1954 में भारत द्वारा मापी गई ऊंचाई को ही नेपाल ने 8,848 मीटर की मान्यता दी थी। वर्ष 1975 में, चीनी सर्वेक्षणकर्ताओं ने माउंट कोमोलांगमा को समुद्र तल से 8,848.13 मीटर की ऊंचाई पर मापा, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता दी गई थी। दरअसल नेपाल में वर्ष 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद से ही यह अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि माउंट एवरेस्‍ट की ऊंचाई में बदलाव हुआ है। अब ताजा नाप के बाद इस विवाद का अंत हो गया है।
पिछले साल अक्टूबर में नेपाल और चीन के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि दोनों देश संयुक्त रूप से माउंट कोमोलांगमा की ऊंचाई और वैज्ञानिक अनुसंधान का संचालन करेंगे, जिसे नेपाल में सागरमाथा और पश्चिम में एवरेस्ट के रूप में जाना जाता है। नेपाली सर्वेक्षणकर्ता आवश्यक माप उपकरण लेकर माप का संचालन करने के लिए मई 2019 में पहाड़ की चोटी पर पहुंच गए थे। चीनी सर्वेक्षणकर्ताओं की एक टीम ने इस साल मई में माउंट क़ोमोलांगमा पर भी चढ़ाई की। इस सर्वेक्षण में, चीनी टीम ने, मानव इतिहास में पहली बार, शिखर के ऊपर एक सर्वेक्षण माकर्र खड़ा किया, जिससे पर्वत के आधार से छह सर्वेक्षण बिंदुओं को एक साथ चोटी की ऊंचाई को मापने में मदद मिली। वर्ष 2005 के सर्वेक्षण ने शिखर की चट्टान की ऊंचाई 8,844.43 मीटर और इसकी बर्फ-बर्फ की परत 3.5 मीटर गहरी दर्ज की। वर्ष 1999 में, यूएस नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी और बोस्टन के म्यूजियम ऑफ साइंस ने बर्फ सहित 8,850 मीटर की ऊंचाई की चोटी को मापा। इस खुलासे का पूरे विश्व को इंतजार था कि दुनिया की सबसे उंची चोटी माऊंट एवरेस्ट की वास्तविक ऊंचाई अब कितनी है।

 

 

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