भोपाल, मप्र विधानसभा का एक दिवसीय सत्र सोमवार को आयोजित किया गया। करीब डेढ़ घंटे चले सत्र में 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए के बजट सहित मप्र साहूकार संशोधन विधेयक, अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक, मप्र माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, मप्र वैट संशोधन विधेयक सहित अन्य विधेयक हंगामे के बीच पारित हो गए।
सुबह 67 सदस्यों की मौजूदगी में विधानसभा का सत्र शुरू हुआ तो सबसे पहले दिवंगतों को श्रद्धांजलि के बाद 5 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उसके बाद सदन जब दोबारा शुरू हुआ तो सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अध्यादेशों और पत्रों को पटल पर रखा। इसके बाद विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने प्रद्युम्न सिंह लोधी, सुमिता कासडेकर, नारायण पटेल के विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिए जाने की सूचना सदन में दी। उसके बाद अध्यक्ष ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अनुपस्थिति में संसदीय कार्यमंत्री को उनकी ओर से कार्य संपादित किए जाने की जानकारी सदन में दी।
हल्के विरोध के बीच 5 बिल पारित
वित्त मंत्री की अनुपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री ने उनका कार्य संभाला। सबसे पहले धन विधेयक विनियोग सदन में प्रस्तुत किया गया। इस पर कांग्रेस ने चर्चा कराने की मांग की, लेकिन सरकार ने मना कर दिया। सरकार कहना था कि पहले ही बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है। ऐसे में इस पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है। इसके बाद मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक 2020 पारित हो गया। संसदीय कार्य मंत्री ने समस्त विभागों को अनुदान मांगों का एक साथ प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मुख्य सचेतक गोविंद सिंह और नेता प्रतिपक्ष ने चर्चा कराने का अनुरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री ने सर्वदलीय बैठक का उल्लेख करते हुए मना कर दिया।
महज डेढ़ घंटे चली कार्रवाई
विधानसभा की कार्यवाही सबसे कम समय महज डेढ़ घंटे में संपन्न हो गई। इस दौरान सदन में सभी सदस्य अपनी सीट पर बैठे रहे। इस दौरान 5 विधेयक पर संशोधन पारित कर दिए गए। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वर्ष 2019 और कोरोना की स्थिति साफ की।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाया कोरोना का मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कोरोना के संबंध में मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से स्थिति साफ करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना से हालत बिगड़ रहे हैं। निजी अस्पताल में मनमानी चल रही है। उस पर भी मुख्यमंत्री स्थिति साफ करें। मुख्यमंत्री ने कमलनाथ के सवाल पर जबाव दिया। कार्यवाही पूरी तरह से शांतिपूर्वक होने के बाद स्थगित कर दी गई।
गाडरवारा विधायक धरने पर बैठीं
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले गाडरवारा से कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल भोपाल में गांधी जी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गईं। उन्होंने नरसिंहपुर के एडिशन एसपी राजेश तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि राजेश तिवारी अवैध शराब अवैध उत्खनन जुआ सट्टा चलाने वालों को संरक्षण देते हैं और उनका तबादला किया जाए।
मप्र विधानसभा ने 8 विधेयकों और 2 लाख 5 हजार करोड़ का बजट बिना चर्चा के पारित किया