सुरखी में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को चुनौती देने भाजपा की पूर्व विधायक पारूल साहू ने थामा कांग्रेस का हाथ

भोपाल, भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व विधायक पारूल साहू शुक्रवार को कांग्रेश में शामिल हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामा। अब संभावना जताई जा रही है कि वे सुरखी विधानसभा सीट से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटें रिक्त हैं। 27 सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां चल रही हैं लेकिन, उपचुनाव में भाजपा की राह में उसके अपने ही कांटा बन रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा में एंट्री के बाद पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज हैं और उपचुनाव में सिंधिया समर्थक नेताओं टिकट दावेदारी को देखते हुए कई नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर दुविधा में हैं। ऐसे में भाजपा की नेता पारुल साहू ने गुरूवार को पूर्व सीएम कमलनाथ से मुलाकात की थी और शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं। 2013 में विधायक बनी पारुल साहू को 2018 में टिकट नहीं दिया गया था। पारुल को लोकसभा चुनाव लडऩा चाहती थीं इसलिए समझौता हुआ था लेकिन उन्हें लोकसभा का भी टिकट नहीं दिया गया था। भाजपा की तरफ से गोविंद सिंह राजपूत को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में पारुल साहू नाराज थीं।
गोविंद सिंह को हराया था चुनाव
2013 के विधानसभा चुनाव में पारुल साहू भाजपा की उम्मीदवार थीं और गोविंद सिंह राजपूत कांग्रेस के टिकट से मैदान पर थे। इस चुनाव में पारुल साहू ने गोविंद सिंह राजपूत को चुनाव में हराया था। हालांकि हार का अंतर बहुत कम था। 2013 में पारुल साहू को 59,513 वोट मिले थे जबकि गोविंद सिंह राजपूत को 59,372 वोट मिले थे। लेकिन अब होने वाले उपचुनाव में गोविंद सिंह राजपूत भाजपा में हैं और माना जा रहा है कि सुरखी विधानसभा सीट से वहीं उम्मीदवार हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *