बासमती चावल की जीआई टैगिंग पर अमरिंदर ने मोदी को तो शिवराज ने सोनिया को लिखा पत्र

भोपाल,मध्यप्रदेश के बासमती चावल की जीआइ टैगिंग को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा तो बदले में मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोनिया गांधी को पत्र ‎लिख दिया है। इस तरह से देखा जाए तो मप्र के बासमती चावल को जीआई टैग का मुददा अब सियासी रंग ले चुका है। मालूम हो कि मध्य प्रदेश के बासमती चावल को भौगोलिक संकेतक (जीआइ टैग) मिलने की संभावना देखकर पंजाब सरकार ने आपत्ति लगाई है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक तौर पर गरमा गया है। शुक्रवार को शिवराज ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर भविष्य में होने वाले दुष्प्रभाव को भी स्पष्ट किया। शिवराज ने कहा कि अगर जीआइ टैग हटा तो भारत की निर्यात क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाकिस्तान को फायदा हो सकता है। बतौर किसान सोनिया गांधी को लिखे पत्र में शिवराज ने कांग्रेस को किसान विरोधी करार देते हुए जवाब मांगा है। शुक्रवार को शिवराज का पत्र मीडिया से भी साझा किया गया है। शिवराज ने कैप्टन अमरिंदर के कथन को किसान व मध्य प्रदेश विरोधी और दुर्भावनापूर्ण बताया है। कहा है कि यह कांग्रेस के किसान विरोधी चरित्र को भी उजागर करता है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार बनने पर दस दिन में किसानों की कर्जमाफी का वादा भी याद दिलाया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को भी घेरा। कहा, कमल नाथ ने तो सरकार बनने पर इस वादे को मजाक बना दिया। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए सोनिया से पूछा है कि आखिर मध्य प्रदेश के किसानों के साथ कांग्रेस की क्या दुश्मनी है। उन्होंने सोनिया को मध्य प्रदेश के चावल की विशेषता बताते हुए स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को मिलने वाले जीआइ टैगिंग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत के बासमती चावल की कीमतों को स्थिरता मिलेगी और देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ राइस रिसर्च, हैदराबाद ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि मध्य प्रदेश में पिछले 25 वर्षों से बासमती चावल का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैप्टन जीआइ टैगिंग को पाकिस्तान से जोड़कर घटिया राजनीति कर रहे हैं। पाकिस्तान के मामले का मध्य प्रदेश के दावे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चाई तो यह है कि हरियाणा और पंजाब के निर्यातक भी मध्य प्रदेश से ही बासमती चावल खरीदते हैं।

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