कानपुर के संजीत हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई

कानपुर, उत्तरप्रदेश सरकार ने संजीत हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। इस मामले में अब उदासीन रवैया दिखाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई संजीत हत्याकांड की जांच करेगी, इसके साथ ही सीबीआई के निशाने पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी भी होंगे। इस हत्याकांड में जिसकी-जिसकी भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उसपर कार्रवाई निश्चित है। संजीत हत्याकांड मामले में कानपुर पुलिस बैकफुट पर है। संजीत के अपहरण और हत्याकांड से लेकर खुलासे तक पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। पुलिस ने संजीत हत्याकांड का खुलासा बीती 24 जुलाई को किया था, पुलिस ने एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संजीत के परिजनों ने इस खुलासे पर सवाल उठाए थे।
खुलासे के 13 दिनों बाद भी पुलिस संजीत का शव पांडू नदी से बरामद नहीं कर सकी है। संजीत अपहरण और हत्याकांड में पुलिस ने पहले दिन से उदासीन रवैया अपना रखा था। संजीत के परिवार का आरोप है कि जब वे पुलिस के पास जाते थे तो पुलिसकर्मी जांच और पूछताछ की बात करते थे। आरोप यह भी है कि पुलिसवाले बेटी के चरित्र को लेकर सवाल उठाते थे। संजीत का अपहरण 22 जून को हुआ था, पुलिस ने बड़ी मुश्किल से संजीत की गुमशुदगी दर्ज की थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने संजीत को ढूंढने का प्रयास नहीं किया। किडनैपरों ने फिरौती के लिए बीते 29 जून को फोन किया था, इसके बाद भी पुलिस ने उदासीन रवैया अपना रखा। परिजनों ने जब पुलिस की मिन्नतें कीं, तब जाकर गुमशुदगी को किडनैपिंग की एफआईआर में तब्दील किया। संजीत के परिजन बीते 13 जुलाई को पुलिस की मौजूदगी में फिरौती की रकम देने के लिए गए थे। संजीत के पिता ने गुजैनी पुल से फिरौती की रकम से भरा बैग फेंका था। सादी वर्दी में पुलिस खड़ी रही, और किडनैपर फिरौती का बैग लेकर फरार हो गए थे। किडनैपर पुलिस से चार कदम आगे निकले। इस पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जांच भी सीबीआई करेगी। संजीत हत्याकांड की सबसे खास बात यह है कि पुलिस ने एक महिला समेत पांच आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा है।
आरोपी पकड़े जाने के बाद भी पुलिस के हाथ एक भी सबूत नहीं लगा। पुलिस संजीत की लाश बरामद नहीं कर सकी, इसके साथ ही संजीत का मोबाइल फोन, संजीत का ड्यूटी बैग, पर्स, जिस बैग में फिरौती की रकम दी गई थी वो बैग, फिरौती बैग में रखा गया मोबाइल और जिस रस्सी से संजीत का गला कसा गया था, पुलिस उस रस्सी को भी बरामद नहीं कर सकी है। जब कि पुलिस ने इस हत्याकांड के मास्टर माइंड ज्ञानेंद्र यादव समेत तीनों आरोपियों को 48 घंटे की रिमांड में लेकर पूछताछ की थी, इसके बावजूद भी पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा। संजीत हत्याकांड की जांच सीबीआई के लिए भी बड़ी चुनौती साबित होने वाली है।इस हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों ने बताया था कि संजीत की लाश पांडू नदी फेंकी थी। वहीं संजीत का ड्यूटी बैग, पर्स, गला घोटने वाली रस्सी, फिरौती बैग और फिरौती बैग में रखा गया मोबाइल रफाका नाला में फेंका गया था। सीबीआई अब इस मिस्ट्री को कैसे सुलझाती है, ये आने वाला वक्त बताएगा। संजीत की लाश को तलाशने के लिए पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, इसके बाद भी उसे सफलता नहीं मिली।

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