अयोध्या,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल बुधवार को अयोध्या में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य और दिव्य मंदिर का श्रेष्ठ विद्वानों और कर्मकाण्डियों की मौजूदगी में भूमि पूजन करेंगे। लेकिन इस कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या के राजा महावीर हनुमान के आगे शीष नवायेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के मद्देनजर राम नगरी के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर को सजाया गया है।
प्रधानमंत्री बुधवार को सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर जाएंगे। अयोध्या में एक प्रथा है कि भगवान राम के दर्शन करने से पहले श्रद्धालु हनुमान जी का दर्शन करते हैं। कोविड-19 के प्रोटोकाल ने हनुमान गढ़ी के महंत से लेकर सेवकों तक को निराष किया है। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने बताया कि मंदिर में हम सभी लोगों ने प्रधानमंत्री को गदा, मुकुट, चांदी की ईंट, अंगवस्त्रम और एक पगड़ी भेंट करने की तैयारी की थी मगर कोविड-19 प्रोटोकॉल की वजह से अब यह संभव नहीं हो पाएगा, लिहाजा हमने प्रधानमंत्री को भेंट देने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सोमवार को हनुमानगढ़ी का दौरा किया था। अब प्रधानमंत्री बुधवार को यहां पूजा-अर्चना करेंगे लेकिन सभी पुजारी उनसे दूर रहेंगे। किसी को भी उनके नजदीक जाने की इजाजत नहीं होगी। प्रधानमंत्री यहां पांच-सात मिनट रुकेंगे।
महंत दास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। हनुमान गढ़ी के महत्व के बारे में वह बताते हैं कि ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद लिए बगैर कोई भी काम पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी मंदिर में सभी वैदिक अनुष्ठान सोमवार को शुरू हो गए थे और वे भूमि पूजन तक जारी रहेंगे। विदित हो कि हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी की माता अंजनी की मूर्ति है जिनकी गोद में छोटे हनुमान जी बैठे हुए हैं। इस मंदिर के बारे में महंत ने बताया कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे थे तब उन्होंने हनुमान जी को रहने के लिए यह जगह दी थी। इसीलिए इसका नाम हनुमानगढ़ी या हनुमान कोट पड़ गया। ऐसा माना जाता है कि इसी जगह से हनुमान जी रामकोट की सुरक्षा करते थे।
कल पीएम मोदी अयोध्या में सबसे पहले यहाँ के राजा को शीश नवायेंगे