भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि प्रदेश में 15 महीनों तक कमलनाथ की 4 डी सरकार थी। जिसमें दलाल, दंभ दुर्भावना और दिग्विजय सिंह शामिल थे। यह सरकार दलालों की सरकार थी, जिन्होंने वल्लभ भवन को दलाली का अड्डा बना दिया था। प्रदेश में चारों ओर लूट मची थी। कमलनाथ सरकार में दंभ और अहंकार भरा हुआ था। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह अहंकार से भरे थे, इनके पांव जमीन पर नहीं रहते थे। एक नेता वल्लभ भवन में बैठता था, तो दूसरा रेत, शराब और माफियागिरी में लगा रहा। 15 महीने तक चली इस सरकार ने दुर्भावना के साथ काम किया।
भाजपा कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए, उन्हें जेल भेजा गया और उनके काम धंधे, तबाह और बर्बाद कर दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अहंकार में चूर इतनी थी कि सिंधिया जी ने उन्हें चेताया तो उल्टा उन्हें ही सड़क पर उतरने की धमकी दे दी। लेकिन कांग्रेस सरकार खुद ही सड़क पर आ गयी। चौहान आज प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर वर्चुअल रैली को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा यह 100 दिन सेवा, सहयोग, सुधार और संकल्प के 100 दिन है। इन 100 दिनों में कोरोना संकट की विषम परिस्थितियां होते हुए भी समाज के हर वर्ग की सेवा की है। उन्होंने कहा इन 100 दिनों में सरकार ने ऐतिहासिक काम किए है। यह काम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और मध्यप्रदेश समृद्ध और विकसित बनें, इसके लिए कार्यकर्ता जुट जाएं। चौहान के अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअल रैली को संबोधित किया।वर्चुअल रैली को प्रदेश के 65 हजार बूथों पर कार्यकर्ताओं और जनता ने सुना।
कोरोना को भुलाकर आईफा की तैयारी में लगे रहे कमलनाथ
चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में जब कोरोना ने दस्तक दी तब कमलनाथ सरकार गंभीर नहीं थी। कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री रहते कमलनाथ ने एक भी बैठक नहीं ली, केवल आईफा अवार्ड के लिए इंदौर में बैठक ली और अफसरों को पैसा जुटाने का टारगेट दिया गया।
कमलनाथ और दिग्विजय अहंकार से भरे थे, इनके पांव जमीन पर नहीं रहे-शिवराज