भोपाल, मप्र में आज शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें 16 भाजपा 9 सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आये विधायकों और 3 कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को मंत्री बनाया गया है। आज सबेरे इन्हें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शपथ दिलाई, जिसमें 20 कैबिनेट और 8 राज्य मंत्री बनाये गए हैं। इस तरह 34 मंत्रियों के मंत्रिमंडल में 20 मंत्री जहां भाजपा के हैं, वहीं 11 मंत्री सिंधिया के और 3 अन्य भी पुराने कांग्रेसी शामिल हैं। मंत्रिमंडल के इस गठन के बाद आधी सरकार को सिंधिया का कहा जा सकता है।
नए मंत्रियों में केबिनेट मंत्री के तौर पर गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेन्द्रसिंह, एंदल सिंह कंसाना बृजेन्द्र प्रतापसिंह, विश्वास सारंग, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, महेन्द्रसिंह सिसौदिया, प्रद्युम्नसिंग तोमर, प्रेमसिंह पटेल, ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद भदौरिया, मोहन यादव, हरदीपसिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव एवं राज्यमंत्री के लिए भरत सिंह कुशवाह, इंदरसिंह परमार, रामखिलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, ब्रजेन्द्र यादव, गिरिराज दंडोतिया, सुरेश धाकड़ एवं ओपीएस भदौरिया को शपथ दिलाई गई।
भाजपा के तीन दर्जन दिग्गज विधायकों को झटका
मप्र में लगभग तीन दर्जन भाजपा विधायकों को तगड़ा झटका लगा है। ये सभी विधायक पिछले तीन माह से मंत्री बनने की जोड़तोड़ में लगे थे। जिन विधायकों को मंत्री बनने का पूरा भरोसा था उनमें रामपाल सिंह, राजेन्द्र शुक्ला, केदार शुक्ला, नागेन्द्र सिंह नागोद, नागेन्द्र सिंह गुढ़, डॉ. गौरीशंकर बिसेन, चेतन कश्यप, रमेश मेंदोला, सुरेन्द्र पटवा, अजय विश्नोई, करनसिंह वर्मा, गायत्री राजे, पारस जैन, नीना वर्मा, गिरीश गौतम, सीताशरण शर्मा, अशोक रोहाणी, हरीशंकर खटीक, जालिम सिंह पटेल, संजय पाठक, राजेन्द्र पांडे, यशपाल सिंह सिसोदिया, शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लहारिया आदि के नाम शामिल हैं। पिछली बार निर्दलीय रहकर इस बार भाजपा के साथ ताकत से खडे रहे दो विधायक मुनमुन राय और सुदेश राय को भी मंत्री बनने की उम्मीद थी, लेकिन उनके सपने भी अधूरे रह गए। इनके अलावा मंत्री बनने के लिए प्रयासरत कई लोगों की भी लाटरी नहीं लग सकी।
ग्वालियर-सागर से 3-3- मंत्री, आधे जिले खाली
मप्र में इस बार मंत्रिमंडल चयन को लेकर क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान नहीं रखा गया है। प्रदेश के 52 जिलों में से मात्र 26 जिलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है। आधे जिले खाली रह गए हैं। ग्वालियर और बुंदेलखंड को महत्व दिया गया है। महाकौशल, मालवा, निमाड़ और विंध्य जैसे भाजपा के गढ़ों में बड़े और स्थापित नेताओं को कैबिनेट से बाहर रखा गया है। पूरी कैबिनेट में क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के बजाए राजनीतिक मजबूरी ज्यादा दिखाई दे रही है।
कैबिनेट में जिन जिलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है उनमें सागर, शिवपुरी, खंडवा, मंदसौर, पन्ना, भोपाल, बड़वानी, शाजापुर, इंदौर, नीमच, ग्वालियर, बालाघाट, उज्जैन, भिंड, सतना, गुना, रायसेन, धार, मुरैना, अशोकनगर, अनूपपुर, जबलपुर, सीहोर, दतिया, हरदा और शहडोल शामिल हैं। सागर से तीन मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह और गोविन्द सिंह राजपूत बने हैं। ग्वालियर से भी तीन मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी और भारतसिंह कुशवाह को मंत्री बनाया गया है। शिवपुरी से दो यशोधरा राजे सिंधिया और सुरेश सिंह धाकड़ मंत्रिमंडल में लिए गए हैं। मंदसौर से भी दो मंत्री बनाए गए हैं, इनमें जगदीश देवड़ा, हरदीप सिंह डंग शामिल हैं। भिंड जैसे छोटे जिले से भी दो मंत्री अरविंद भदौरिया और ओपीएस भदौरिया शामिल किए गए हैं। मप्र के तीन बड़े महानगर इंदौर, भोपाल और जबलपुर से एक-एक विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। विंध्य मुख्यालय के जिले रीवा से एक भी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल पाया है।
सिंधिया ने दिखाई ताकत
शिवराज कैबिनेट विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आखिर अपनी ताकत दिखाते हुए अंतिम समय में अपने 3 और समर्थकों को कैबिनेट में शामिल कराकर चौंका दिया। अटकलें लगाई जा रही थीं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने सात समर्थकों को मंत्री पद दिलवाएंगे। इनमें से दो तुलसी सिलावट और गोविन्द राजपूत को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है। पांच नामों में इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी, महेन्द्र सिसोदिया और राज्यवर्धन सिंह का सिंधिया कोटे से मंत्री बनना तय था। बताया जाता है कि ऐन टाइम पर सिंधिया ने तीन नए नाम देकर सभी को चौंका दिया। इनमें सुरेश सिंह धाकड़, बृजेन्द्र यादव और ओपीएस भदोरिया के नाम शामिल हैं। इन तीनों के मंत्री बनने की संभावना नहीं थी। भिंड से भाजपा पहले ही अरविंद भदौरिया का नाम शामिल कर चुकी थीं। एक ही जिले से दो भदौरिया को मंत्री बनाना संभव नहीं था, लेकिन सिंधिया ने वीटो पॉवर चलकर पहली बार विधायक बने मेहगांव के विधायक ओपीएस भदोरिया को मंत्री बनवा लिया।
शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार, 28 मंत्रियों को दिलाई गई शपथ