भोपाल, कोरोना आपदा को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस ने नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के तहत अब थाने में आने वाले व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की गई है, ताकि पुलिसकर्मी बाहरी लोगों से सीधे संपर्क में न आ सकें। नई गाइडलाइन के तहत किसी भी व्यक्ति के बयान वीडियो कॉल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लिए जाएंगे। इसके अलावा थाने में आने वाली शिकायत भी सिटीजन पोर्टल के जरिए ली जाएगी। इतना ही नहीं पुलिस के तमाम कागज़ी कामकाज, चाहे वे किसी केस की विवेचना से क्यों न जुड़े हो, ऐसे सभी दस्तावेजों को ईमेल और व्हाट्सएप के साथ दूसरे ऐप के जरिए लिए जाएंगे। कुल मिलाकर पुलिस के सभी काम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करने की कोशिश की जा रही है।
इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को पत्र लिखा है। इस पत्र के साथ नई गाइडलाइन को भी दिया गया है। इस गाइडलाइन का पालन करने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस गाइडलाइन के तहत अब हर एक पुलिसकर्मी को ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करना अनिवार्य होगा। इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं दी गई हैं, जिसके तहत थाने के साथ ऑफिस में काम करने वाले पुलिसकर्मी सीधे किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं आ कर अपने काम को अंजाम देंगे।
स्पेशल ब्रांच ने जारी की गाइडलाइन
कोरोना आपदा की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने इस गाइडलाइन को तैयार किया है। पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल ने तमाम बिंदुओं के अध्ययन के बाद 62 पन्नों की गाइडलाइन तैयार की है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान पुलिस का पूरा ध्यान कोरोना आपदा की तमाम प्रोसेस और व्यवस्थाओं पर था। लेकिन अब बाजार और तमाम व्यवस्थाओं को खोले जाने की वजह से क्राइम रेट भी बढऩे लगा है। इसके मद्देनजर ही पुलिस ने गाइडलाइन तैयार की है। पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाई, सभी पुलिस अधीक्षक, सभी सेनानी और सभी रेल पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि अब इस गाइडलाइन के तहत काम करना है।
मप्र पुलिस ने अब वीडियो कॉल से मामले दर्ज करने का निर्णय लिया