नई दिल्ली, कोरोना वायरस के संक्रमण भारत में अब दुनिया के सर्वाधिक प्रभावित देशों की तरह फैलने लगा है। मई माह के शुरुआती 9 दिन के भीतर ही भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के लगभग 27,741 मामले सामने आए हैं। इस प्रकार 9 मई को रात 10 बजे तक कोरोनावायरस संक्रमण के सारे देश में 62,521 मामले सामने आ चुके थे। दिल्ली और उत्तरप्रदेश के आंकड़े अपडेट नहीं थे। बाकी देश से शनिवार को 2607 नए संक्रमित मिले। शनिवार को देश में कोरोना वायरस संक्रमण से 103 लोगों की जान चली गई। इस प्रकार इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 2089 हो गई है। 19,002 मरीज इस बीमारी को मात देकर घर जा चुके हैं। रिकवरी का आंकड़ा इस प्रकार 30.39% है।
कोरोना वायरस के आंकड़ों का अध्ययन करें तो पता चलता है कि देश के शीर्ष 11 राज्यों में ही 58,038 संक्रमित मिले हैं। इस प्रकार इन राज्यों में देश के 92.82% संक्रमित पाए गए हैं। यह राज्य हैं महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और तेलंगाना। इनमें भी महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडु में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 41,102 है यह भारत की कुल संख्या का 65.74% है। देश के चार प्रमुख महानगरों मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और चेन्नई में इस वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 28,271 है। यह देश के कुल संक्रमित मरीजों की संख्या का 45.21% है।
इन आंकड़ों से यह साफ जाहिर होता है कि कोरोना वायरस का फैलाव बड़े राज्यों के महानगरों में अधिक है। घनी जनसंख्या वाले क्षेत्र इस वायरस की चपेट में हैं। इससे देश में कम्युनिटी संक्रमण का खतरा भी मंडरा रहा है।
महाराष्ट्र – गुजरात – दिल्ली – तमिलनाडु जैसे राज्यों में देश की अधिकांश बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। वहीं राजस्थान – मध्य प्रदेश – उत्तर प्रदेश – आंध्र प्रदेश – पश्चिम बंगाल – पंजाब और तेलंगाना में भी देश के बड़े औद्योगिक संयंत्र और इकाइयां स्थापित हैं। इन क्षेत्रों में कोरोनावायरस का प्रकोप देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ सकता है। जिस गति से यहां पर कोरोनावायरस का फैलाव हो रहा है उसे देखते हुए लगता है कि लॉक डाउन की स्थिति से तत्काल निजात नहीं मिलेगी। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की संभावना है। इन राज्यों और इन क्षेत्रों ने देश के करोड़ों लोगों को रोजगार दिया हुआ है, यहां पर वायरस का फैलाव करोड़ों लोगों की आजीविका पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। सरकार को इन क्षेत्रों की अत्यधिक चिंता है इसलिए केंद्र सरकार ने 10 टीमें सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के लिए रवाना की हैं। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय इन राज्यों के लिए विशेष रणनीति बनाने की तैयारी में हैं।
इस बीच सारे देश में मजदूरों के पलायन और विदेश से भारतीय नागरिकों की वापसी से कोरोनावायरस के नए क्षेत्र में फैलने की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। देश के अनेक जिले जो पहले कोरोनावायरस से मुक्त थे इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वायरस का देशव्यापी फैलाव समस्या को और गंभीर बना सकता है।
देश में कोरोना वायरस से 62,521 लोगों तक पहुंचा संक्रमण,अब तक 2089 मौतें