छतरपुर, मौसम में शनिवार दोपहर से शुरु हुआ बदलाव अब तक जारी है । शनिवार की रात महाराजपुर क्षेत्र में तेज आंधी और ओलावृष्टि से पिपरमेंट और पान की फसलों के खराब होने एवं गेहूं की फसल के भीगने की खबरें सामने आईं। इसी बीच ग्राम लुगासी में ओलावृष्टि के दौरान खेत के एक झोपड़े में बैठे 53 वर्षीय किसान पर झोपड़े का पाया गिर गया जिससे किसान श्रीनिवास यादव एवं उनकी बकरी की मौत हो गई।
पान किसान राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि इसी वर्ष विगत जनवरी फरवरी में ठंड और पाले से पान की फसल खराब हो गई थी। इससे अनेक किसानों ने दूसरे जिलों से महंगे दामों में बीज लाकर बोया था, लेकिन आंधी और तूफान से बरेजे गिर जाने के कारण किसानों को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई किया जाना मुश्किल हैं। पहले से ही परेशानी झेल रहे पान किसानों के सामने अब इस नुकसान से भीषण संकट पैदा हो गया है। गढ़ी मलहरा के पान किसान रवींद्र चौरसिया ने बताया कि पान बरेजा तैयार करने में लाखों रुपए की लागत आती है, लेकिन जब पान की फसल तैयार होती है या मिलने का समय आया है तो अंधड़ में एक ही झटके में सब धराशाई हो गया। आंधी में पान किसान सुनील चौरसिया, गिरजा चौरसिया, राजेंद्र चौरसिया, मनोज चौरसिया ,नंदन चौरसिया के साथ ही राजेश चौरसिया सहित अन्य किसानों के बरेजे गिरने से भारी क्षति हुई है। इनमें से अधिकांश किसानों के बरेजे में पुराने पान लगे हुए थे जो कि लॉक डाउन खुलने का इंतजार पान किसान कर रहे थे, किंतु इस आंधी और तूफान के कारण इन किसानों के सभी अरमान धरे के धरे रह गए। मध्यप्रदेश पान किसान व व्यापारी संगठन के जिला अध्यक्ष चितरंजन चौरसिया ने शासन से शीघ सर्वे कर पीड़ित किसानों को राहत राशि प्रदान करने की मांग की हैं।
तेज हवा और पानी से घर का छप्पर उड़ा
हरपालपुर. क्षेत्र में भी तेज बारिश और अंधड़ ने जमकर कोहराम मचाया। सबसे ज्यादा नुकसान गांवों में देखने मिला, जहां लोगों के घरों के छप्पर ही उड़ गए। कुकरैल गांव निवासी मजदूर चिंटू रैकवार के मकान का छप्पर भी इस अंधड़ में उड़कर नीचे गिर गया। मकान में लगे टीन सेट सहित पूरे मकान के खपरैल उड़ गए और पूरा मकान अस्त व्यस्त हो गया। घर में रखी खाने पीने तक की पूरी सामग्री भी पूरी तरह खराब हो गई हैं। हवा और बारिश इतनी तेज थी कि घर मे रह रहे छोटे-छोटे बच्चे बमुश्किल घर से बाहर निकल सके। इस नुकसान के बाद चिंटू रैकवार ने प्रशासन ने मुआवजा की मांग की हैं। रविवार को चिंटू और उसका परिवार मकान की मरम्मत में जुटे नजर आए।
रविवार को भी जारी रही बादलों की लुकाछिपी
मौसम विभाग खजुराहो केंद्र के अनुसार उत्तराखंड में हुई बर्फवारी का यह असर है। जिसकी चपेट में पूरा बुंदेलखंड और बघेलखंड है। इससे ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवा अंधड़ की स्थिति बनती हैं। एक और दिन अभी ऐसी स्थिति बनी रह सकती हैं। हालांकि, रविवार को मौसम सामान्य रहा। हालांकि, बादलों की लुकाछुपी के बीच बड़ी उमस ने लोगों को घरों में हलाकान कर दिया हैं। घर में अब गर्मी की चिपचिपी होने लगी हैं। जिससे लोग परेशान हैं। शाम के समय ज्यादा गर्मी घरों में महसूस की जा रही हैं।
बुंदेलखंड में मौसम की मार पान और पिपरमेंट की फसल हुई बर्बाद