मप्र में कल से करीब दो सौ बड़े उद्योगों में शुरू हो जायेगा काम, संक्रमित क्षेत्रों में कोई उद्योग नहीं चलेगा

भोपाल, प्रदेश में करीब 25 दिन बाद सोमवार से बंद पड़ी औद्योगिक इकाईयों के पहिए चलेंगे। प्रदेश सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन के हिसाब से उद्योगों को शुरू करने की अनुमति दे दी है। किस जिले में कौन से उद्योग शुरू करना है, इसका निर्धारण जिला स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी को करना है। कई जिलों में कमेटी ने चालू होने वाले उद्योगों को अनुमति दे दी है।
उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 112 बड़े तथा 1200 एमएसएमई उद्योग संचालित थे, जो दवा कंपनियों, खाद्यान्न सामग्री तथा आवश्यक वस्तुओं से संबंधित थे। अब सोमवार से केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार प्रदेश के कुल 360 बड़े उद्योगों में से लगभग 200 उद्योग चालू किए जा सकेंगे तथा 12 हजार एमएसएमई उद्योगों में से लगभग 6 हजार उद्योग शुरू किए जा सकेंगे। एसईजेड, निर्यात उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग सहित अत्यावश्यक सेवाओं की यूनिट शुरू की जा सकेंगी।
सोशल डिस्टेंसी बेहद जरूरी
उद्योगों को चालू करने के अधिक आवश्यक निर्देश भी कदए गए हैं। कार्य स्थल पर ही यथासंभव मजदूरों के रूकने की व्यवस्था करने को कहा गया है। बाहर से यदि आना-जाना आवश्यक हो तो उसके लिए वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मजदूरों को बिठाया जाए व कार्यस्थल पर भी इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए।
इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
संक्रमित क्षेत्रों में न तो कोई उद्योग शुरू होगा और न ही कोई मजूदर वहां से आएगा जाएगा। सर्दी, जुकाम, 55 साल से अधिक के डायबटीज, बी.पी.मरीज , छोटे बच्चों वाली महिलाएं काम पर नहीं आएगी। परिसर में साबुन, सेनेटाईजर, मास्क, ग्लब्स, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। मजदूरों की दूरी 8 से 10 फीट होगी। यूनिट को खुलने, बंद होने तथा दोपहर में लंच टाइम के समय सेनेटाईज किया जाएगा।
40 से 50 प्रतिशत मजदूर ही रहें-
कांफ्रेसिंग में उद्योग विभाग के पीएस डा. राजेश राजौरा ने कहा कि उद्योगों में अभी 40 से 50 फीसदी से ज्यादा मजदूर नहीं होने चाहिए। यदि मजदूर बाहर से लाए-ले जाए जाते हैं, तो उनको लाने वाली बसों में 30 से 40 फीसदी क्षमता तक ही मजदूर बैठाए जाएं। संक्रमित क्षेत्रों में कोई उद्योग शुरू नहंीं किया जाएगा।
ओवर टाइम का देना होगा पैसा
मजदूरों की कमी को देखते हुए यदि कोई उद्योग 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे की शिफ्ट करना चाहता है तो उसे अनुमति दे दी जाएगी, लेकिन उन्हें उस हिसाब से मजदूरों को बढ़ी हुई राशि देनी होगी। साथ ही 5 के स्थान पर 6 दिन कार्य की भी अनुमति दे दी जाएगी। उद्योग लाइसेंस नवीनीकरण भी 01 अप्रैल 2020 से एक वर्ष के लिए कर लिया जाएगा।
इनका कहना है
भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार एसईजेड, निर्यात उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग सहित अत्यावश्यक सेवाओं के उद्यम प्रारंभ किए जा रहे हैं। सभी सुरक्षात्मक उपायों के साथ उद्योग प्रारंभ होंगे। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि संक्रमण न फैले। उद्योगों में 40 से 50 प्रतिशत मजूदर से ज्यादा न हों। श्रमिकों को यथासंभव उद्योग परिसर में ही रुकवाया जाए।
डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव उद्योग विभाग

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