इंदौर, शहर में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से इंदौर अब देश में कोरोना का केंद्र बनता जा रहा है। मुस्लिम क्षेत्रों में ज्यादातर कोरोना के मरीज पाए जा रहे हैं। पुलिस ने सर्च कर चंदननगर क्षेत्र में 25 जमाती बाहर निकाले और इलाज हेतु भेजा। लगातार खबरें मिल रही हैं कि कोरोना वायरस को रोकने हेतु कुछ क्षेत्रों में मुस्लिम समाज सहयोग नहीं कर पथराव और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दुर्व्यवहार कर रहा। अब पुलिस ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आकर कोरोना के मरीजों को बस्तियों से निकालकर इलाज हेतु भेज रहे हैं। मुस्लिम क्षेत्र में जमातियों की खोज कर इन्हें 15 दिनों के लिए क्वॉरेंटाइन किया। ग्रीन पार्क और रानीपुरा में मिले जमातियों में 5 दंपत्ति असम के तथा 15 पुरुष दिल्ली और अन्य स्थानों के निकले। शहर में कोरोना के 85 मरीज हुए हैं। इनमें 3 लोग मौत के मुंह में गए।
जांच के दौरान पता चला कि 25 फरवरी को दिल्ली से आकर पंद्रह जमाती यहां ठहरे और पुलिस को खबर नहीं की। लापरवाही के चलते इंदौर में कोरोना मरीज महिला की मृत्यु हो गई। वह जबरदस्ती इलाज के दौरान घर चली गई।हालात बिगड़ने पर पुनः अस्पताल आई तो उसे बचाया नहीं जा सका।
टाट पट्टी बाखल में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव की घटना के बाद अन्य शहरों में भी ऐसी घटनाएं हो रही है। मुस्लिम समाज के लोग अपना आपा खो रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि घरों में छिपे जमाती या अन्य संक्रमित लोग जांच हेतु आगे आए तो महामारी पर नियंत्रण हो सकेगा। मुस्लिम मोहल्लों में मिल रहे कोरोना के मरीजों के कारण शहर में स्थिति नियंत्रण में नहीं है। इस कारण लॉक डाउन में सख्ती की जा रही है। इस सख्ती से जरूरतमंदों को दवाई, भोजन, सब्जी और फल के साथ दूध भी नहीं मिल रहा है। प्रशासन के सभी वादे फेल हो रहे। न घर तक सामान पहुंच रहा है और ना सब्जी आदि।
इंदौर बनता जा रहा कोरोना का केंद्र, लगातार बढ़ रहे मरीज, चंदन नगर से निकाले 25 जमाती